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पद्मश्री डॉ. सुब्बन्ना अय्यप्पन मृत मिले, 6 दिन से घर से लापता थे मशहूर कृषि वैज्ञानिक

Dr. Subbanna Ayyappan: देश के मशहूर वैज्ञानिक का शव मिला है। पद्मश्री अवार्डी पिछले 6 दिन से घर से लापता थे और बीती शाम उनकी लाश नदी में मिली। उनका स्कूटर भी लावारिस हालत में मिला। पुलिस मौत के कारण पता लगा रही है।

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Karnataka News: मशहूर वैज्ञानिक और पद्मश्री अवार्डी का शव मिलने से पुलिस हैरान है।

देश के मशहूर कृषि वैज्ञानिक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सुब्बन्ना अय्यप्पन (70) का शव मिला है, जो पिछले 6 दिन से लापता थे। उनका शव श्रीरंगपटना में साईं आश्रम के पास कावेरी नदी में मिला। वे मैसूर के विश्वेश्वर नगर औद्योगिक क्षेत्र में अपनी पत्नी के साथ रह रहे थे, लेकिन 7 मई को अपने घर से अचानक लापता हो गए थे। उनके परिवार में पत्नी और 2 बेटियां हैं।

श्रीरंगपटना पुलिस ने मामला दर्ज करके मौत होने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को शनिवार शाम को नदी में एक अज्ञात शव देखे जाने की सूचना मिली थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नदी से निकाला तो वैज्ञानिक की पहचान हो गई। अय्यप्पन का स्कूटर नदी किनारे मिला। पहली जांच में पुलिस मानकर चल रही है कि उन्होंने आत्महत्या की है।

 

सुबन्ना अय्यपन कौन थे?

सुबन्ना अय्यपन कर्नाटक के रहने वाले हैं। उनका जन्म 10 दिसंबर 1955 को चामराजनगर जिले के यालांदुर में हुआ था। 1975 में अय्यपन ने मतस्य विज्ञान (फिशरीज साइंस) में ग्रेजुएशन की। 1977 में इसी सब्जेक्ट से मास्टर्स की। 1988 में बेंगलुरू की एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से Phd की। अपने जीवन काल में कई पदों पर रहकर देश सेवा की। देश में ब्लू रेवोल्यूशन (नीली क्रांति- मतस्य पालन) का श्रेय अय्यपन को ही जाता है। साल 2022 में उन्हें देश के चौथे सबसे बड़े सम्मान पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

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अय्यपन ने सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज एजुकेशन (CIFE) मुंबई के निदेशक की भूमिका निभाई। अय्यपन भुवनेश्वर में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेशवाटर एक्वाकल्चर (CIFA) के निदेशक भी रहे। अय्यपन हैदराबाद के संस्थापक मुख्य कार्यकारी थे। राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) के अधिकारी भी रहे। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव की भूमिका भी निभाई। राष्ट्रीय परीक्षण एवं कैलिब्रेशन प्रयोगशालाओं के मान्यता बोर्ड (NABL) के अध्यक्ष रहे। केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (CAU) इम्फाल के कुलपति भी थे।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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