ट्रूडो ने कनाडा वालों के लिए जारी की नई ट्रैवल एडवाइजरी, कहा- भारत के इस राज्य में 'आतंकवाद', जाने से बचें
Edited By Naresh Chaudhary

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Canadian Govt Issues New Travel Advisory For India: कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो की ओर से निज्जर की हत्या पर दिए गए बयान के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कनाडाई सरकार ने भारतीयों के लिए नई ट्रेवल एडवाइजरी जारी है। एडवाइजरी में कनाडा के लोगों से कहा गया है कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की यात्रा से बचें। कनाडा के भारत सरकार पर लगाए गए आरोपों पर दोनों देशों के बीच टकराव बढ़ गया।
कनाडा सरकार की ओर से कहा कि अप्रत्याशित सुरक्षा स्थिति के कारण केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की यात्रा से बचें। आतंकवाद, उग्रवाद, नागरिक अशांति और अपहरण का खतरा है। इस सलाह में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की यात्रा या उसके भीतर यात्रा शामिल नहीं है। भारत के लिए इस सलाह को उच्च स्तर की सावधानी बरतने के रूप में चिह्नित किया गया है।
इस मामले में ताजा अपडेट तब हुआ है जब प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने मंगलवार को मांग की कि कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में नई दिल्ली की संभावित संलिप्तता के कनाडा के आरोपों को अत्यंत गंभीरता से लें, जिस पर वाशिंगटन ने भी चिंता व्यक्त की है। कनाडा के दावे के कारण कनाडा से एक भारतीय खुफिया अधिकारी और नई दिल्ली से एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया गया। ट्रूडो ने मीडिया से कहा कि भारत को इस मामले को बेहद गंभीरता से लेने की जरूरत है। हालांकि हम भड़काने या इसे आगे बढ़ाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा ने सोमवार को कहा कि विश्वसनीय आरोप हैं कि 18 जून को वैंकूवर उपनगर में एक सिख धार्मिक स्थल के सामने कनाडाई नागरिक निज्जर की हत्या के लिए नई दिल्ली से जुड़े एजेंट जिम्मेदार थे। हालांकि भारत की मोदी सरकार ने कनाडा के आरोपों को बेतुका बताया है। ट्रूडो ने मंगलवार को कहा कि उनका बयान नई दिल्ली के साथ तनाव बढ़ाने के लिए नहीं था। हम भड़काने या विवाद को आगे बढ़ने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा था कि भारत सरकार को इस मामले को बेहद गंभीरता से लेने की जरूरत है। ट्रूडो ने हाउस ऑफ कॉमन्स में अपने भाषण के एक दिन बाद कहा कि जिसके बाद ओटावा ने एक भारतीय राजनयिक को निष्कासित कर दिया था। भारत ने कनाडाई दूत कैमरन मैके को विदेश मंत्रालय में बुलाया और उन्हें भारत में कनाडाई खुफिया के प्रमुख, वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित करने के नई दिल्ली के फैसले की जानकारी दी। इसके बाद विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बाद में कहा गया कि यह निर्णय भारत सरकार की ‘हमारे आंतरिक मामलों में कनाडाई राजनयिकों के हस्तक्षेप और भारत विरोधी गतिविधियों में उनकी भागीदारी पर बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
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