JNU Student New Rule Fine for dharnas 20000: देश की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी में से एक जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेनयू) ने विश्वविद्यालय के स्टूडेंट के लिए कैंपस में आचरण को लेकर नए नियम जारी किए हैं। नए नियम के अनुसार, अगर कोई छात्र या छात्रा कैंपस में राष्ट विरोधी नारे लगाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। जबकि, बिना पूर्व अनुमित के धरना-प्रदर्शन करने पर 20 हजार रुपए जुर्माना देना होगा। कैंपस के लिए नए नियमों को जेएनयू की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था की सहमति के बाद लागू किए गए हैं।

नियमित रूप से दोषी पाए जाने पर यूनिवर्सिटी से निकाला जाएगा

बता दें कि जेएनयू प्रशासन ने यूनिवर्सिटी में राष्ट्र विरोधी नारेबाजी, स्टूडेंट द्वारा पूर्व अनुमति के धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल किए जाने पर ये निर्णय लिया है। यूनिवर्सिटी के अनुसार, इससे पहले स्टूडेंट के लिए धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल को लेकर कोई नियम नहीं बने थे जिससे स्टूडेंट को गैर-कानूनी रूप से धरना प्रदर्शन करने पर जुर्माना लगाया जा सके। नए नियम के अनुसार, अगर कोई भी छात्र या छात्रा नियमित रूप से सजा पता रहा तो उसे यूनिवर्सिटी से निकाल दिया जाएगा। ये भी पढ़ें: अल्पसंख्यक स्कॉलरशिप में फर्जीवाड़ा, एक चौथाई आवेदनों में पाई गई गड़बड़ी ये भी पढ़ें: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में विंटर वैकेशन की तारीख घोषित, शिक्षा निदेशालय ने जारी किया सर्कुलर

स्टूडेंट यूनियन ने की निंदा

नए नियम में 28 तरह के अपराध को शामिल किया गया है। इसमें राष्ट्र विरोधी नारे और धरना प्रदर्शन के अलावा जुआ खेलना, अनधिकृत रूप से हॉस्टल के कमरे पर कब्जा करना, जालसाजी और अभ्रद भाषा का इस्तेमाल करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा पूर्व अनुमति के किसी तरह के इवेंट को ऑर्गनाइज करने पर दोषी पाए जाने पर स्टूडेंट को छह हजार रुपए का फाइन भरना पड़ेगा। इसके साथ ही कैंपस में धार्मिक सद्भावना को बिगाड़ने, सांप्रदायिक, जाति और राष्ट्र विरोधी पोस्टर चिपकाने और बांटने पर 10 हजार रुपए फाइन देना होगा। जेएनयू प्रशासन द्वारा नए नियमों को लागू किए जाने के खिलाफ स्टूडेंट यूनियन ने निंदा की। उन्होंने कहा कि नए नियम कैंपस के जीवंत कल्चर का गला घोंटने वाले हैं, जिसने दशकों से विश्वविद्यालय को परिभाषित किया है।