दुनिया के कितने देशों में बैन है बुर्का, भारत में बुर्के को लेकर क्या हैं नियम और विवाद? इटली ने लगाया है प्रतिबंध

इटली में बुर्का पहनने पर बैन लगा है और दुनिया के करीब 24 देश अब तक बुर्के पर बैन लगा चुके हैं. वहीं भारत में बुर्के को लेकर विवाद हैं, लेकिन इससे पहनने या नहीं पहनने का कोई नियम नहीं है और न ही इसे पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा है.

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दुनियाभर के कई देशों में बुर्का पहनने की प्रथा प्रचलित है, वहीं इस पर बैन भी लगे हैं. (Credit-AI)

इटली के स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर रोक लगा दी गई है. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने राजधानी रोम में अपनी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली के युवा संगठन के राष्ट्रीय महोत्सव में बुर्के पर बैन लगाने का ऐलान किया. हालांकि भारत में बुर्के को लेकर कोई नियम नहीं हैं और न ही किसी तरह का प्रतिबंध लगा है, लेकिन बुर्के को लेकर कानूनी, अदालती और राजनीतिक विवाद हो चुके हैं. वहीं पूरी दुनिया की बात करें तो यूरोप, एशिया और अफ्रीका के 24 देशों ने बुर्के पर बैन लगाया हुआ है.

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बुर्का बैन का ऐलान घटा सकता छात्रों की संख्या

रिसर्च इंस्टीट्यूट फोंडाजियोने ISMU के अनुसार, इटली के स्कूलों में 9.3 लाख विदेशी छात्र हैं, जो पूरे देश में स्कूली छात्रों का 11.6% हिस्सा हैं. इटली में पिछले 10 साल में विदेशी छात्रों में नाबालिग छात्रों की संख्या में 4.5% की गिरावट आई है. ऐसे में प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का बुर्के पर बैन का ऐलान विदेशी छात्रों की संख्या को और घटा सकता है. लेकिन बुर्का बैन पर अभी कैबिनेट फैसला लेगी जल्द इस पर फैसला लेगी. प्रस्तावित कानून को सरकार मंजूरी दे चुकी और 60 दिन में इसे लागू किया जाएगा.

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दुनियाभर के 24 देशों में बुर्का-हिजाब पर बैन

बता दें कि अफ्रीका के 7 देशों कैमरून, चाड, कांगो गणराज्य, गैबॉन, सेनेगल, जाम्बिया और ट्यूनीशिया ने बुर्का और हिजाब पर बैन लगाया हुआ है. एशिया के 7 देश चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकस्तान, श्रीलंका, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान भी बुर्का और हिजाब पर प्रतिबंध लगा चुके हैं. इनके अलावा यूरोप के 10 देश ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, डेनमार्क, फ्रांस, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, पुर्तगाल और स्विट्जरलैंड ने भी बुर्का और हिजाब बैन किया हुआ है.

बुर्का-हिजाब और नकाब तीनों में क्या अंतर है?

बता दें कि बुर्का सिर से पैर तक पहना जाने वाला ढीला-ढीला ड्रेसा होता है, जिसमें चेहरे से लेकर पैरों तक पूर शरीर ढका होता है और आंखों भी कवर होती हैं, लेकिन देखने के लिए जालीदार कपड़ा बुर्के में लगा होता है. नकाब से सिर्फ पूरा सिर और चेहरा कवर होता है, जबकि आंखें खुली रहती हैं. इसके अलावा हिजाब से सिर के बाल, कान और गर्दन कवर होते हैं, लेकन चेहरा पूरी तरह से ओपन रहता है. ऐसे में शरीर को सबसे ज्यादा कवर करके रखने वाला ड्रेस बुर्का होता है.

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भारत में बुर्का-हजाब को लेकर विवाद और फैसले

भारत में बुर्का और हिजाब को लेकर कोई नियम नहीं हैं और न ही कोई प्रतिबंध हैं, यानी भारत में बुर्का पहनने की कोई मनाही नहीं है. लेकिन बुर्का और हिजाब को लेकर देश में अकसर कानूनी, राजनीतिक और सामाजिक विवाद होते हैं, जो कोर्ट तक पहुंच जाते हैं, जिसके बाद अदालतों के द्वारा बड़े फैसले दे दिए जाते हैं. अनुच्छेद 25 के तहत मिले धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार भारत में एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स में ड्रेस कोड और छात्रों में अनुशासन के बीच संघर्ष और टकराव का बड़ा मुद्दा बना गया है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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