क्या ओडिशा में आने वाली है सुनामी? 100 गांवों को दी गई आपदा से निपटने की ट्रेनिंग, यूनेस्को-IOC ने दी मान्यता

ओडिशा सरकार ने राज्य में सुनामी के संभावित खतरे वाले 381 तटीय गांवों और बस्तियों की पहचान की है. इन सभी क्षेत्रों को बारी-बारी से आपदा के लिए तैयार करने का टार्गेट रखा गया है.

Odisha tsunami

सुनामी के संभावित खतरे वाले 381 तटीय गांवों और बस्तियों की पहचान की है. (Photo: AI)

जब भी सुनामी का जिक्र होता है तो दिसंबर, 2004 में हिंद महासागर में आई सुनामी की दर्दनाक तस्वीरें आंखों के सामने घूमने लगती हैं. 22 साल पहले आई सुनामी ने भारत, श्रीलंका और इंडोनेशिया के तटीय इलाकों में भयानक तबाही मचाई. समुद्र में भूकंप आने से लगातार तटीय इलाकों में सुनामी का खतरा बना रहता है. इस आपदा से तैयारी के लिए अब समुद्र के किनारे स्थित गांवों को आपदा से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है. ओडिशा के तटीय इलाकों में आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है.

विज्ञापन

सुनामी के लिए तैयार ओडिशा के 100 गांव

आपको बता दें कि सोमवार को ओडिशा के 74 और तटीय गांवों को यूनेस्को-आईओसी के ‘सुनामी के लिए तैयार’ कार्यक्रम के तहत मान्यता दी गई है. इसके साथ ही ओडिशा में इस अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त गांवों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है. अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. यह मान्यता नेशनल सुनामी रेडी बोर्ड (NTRB) और ओडिशा सरकार के बीच हुई बैठक के दौरान प्रदान की गई.

विज्ञापन

100 गांवों को किस आधार पर मिली मान्यता?

इससे पहले संबंधित गांवों में तैयारियों का क्षेत्रीय स्तर पर वेरिफाइड किया गया था. इस प्रक्रिया की शुरुआत बालासोर, भद्रक, केंद्रापड़ा, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों के तटीय क्षेत्रों में की गई. ‘सुनामी के लिए तैयार’ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल किसी गांव को प्रमाणित करना नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों और स्थानीय प्रशासन को संभावित सुनामी जैसी आपदा से निपटने के लिए तैयार करना है. इसके तहत समुदाय स्तर पर जागरूकता, चेतावनी प्रणाली, निकासी योजना और आपात स्थिति में समन्वय जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाता है.

विज्ञापन

बैठक की अध्यक्षता भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) के निदेशक बालकृष्णन नायर और ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (OSDMA) के प्रबंध निदेशक राजेश प्रभाकर पाटिल ने की.

381 तटीय गांवों की पहचान

अधिकारियों के मुताबिक, ओडिशा सरकार ने राज्य में सुनामी के संभावित खतरे वाले 381 तटीय गांवों और बस्तियों की पहचान की है. इन सभी क्षेत्रों को बारी-बारी से आपदा के लिए तैयार करने का टार्गेट रखा गया है. सरकार का फोकस तटीय आबादी को समय रहते चेतावनी मिलने, सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने और आपात स्थिति में स्थानीय स्तर पर प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता बढ़ाने पर है. ओडिशा का लंबा समुद्री तट होने के कारण राज्य के कई इलाके समुद्री आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं. ऐसे में स्थानीय समुदायों को आपदा प्रबंधन व्यवस्था से जोड़ना महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ