Hyperloop Test Track: भारत के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव आने वाला है। देश का पहला हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक बनकर तैयार हो चुका है। रेल मंत्रालय की ओर से सोमवार को इसका वीडियो भी शेयर किया गया है। अब भारत हाई स्पीड ट्रांसपोर्ट सिस्टम की ओर कदम बढ़ा रहा है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास की ओर से 410 मीटर लंबा ट्रैक तैयार किया गया है। आईआईटी परिसर के अंदर ही इसे बनाया गया है। इंडियन रेलवे ने इस परियोजना को पूरा करने में आईआईटी को आर्थिक मदद भी दी है।
क्या है हाइपरलूप?
हाइपरलूप को भविष्य की तकनीक कहा जाता है, इसमें ट्रेन को एक खास ट्यूब (Vacuum Tube) में हाई स्पीड से दौड़ाया जाता है। यह तकनीक न केवल तेज है, बल्कि यात्रा के लिहाज से काफी सेफ मानी जाती है। फिलहाल इसका ट्रायल किया जाना है। अगर ट्रायल सफल रहा तो देश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। इस हाइपरलूप में ट्रेनें 1100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलेंगी। यह स्पीड बुलेट ट्रेन से ज्यादा है। बुलेट ट्रेन अधिकतम 450 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ सकती है। अगर यह तकनीक भारत में लागू होती है तो 30 मिनट से भी कम समय में दिल्ली से जयपुर और मुंबई से पुणे का सफर पूरा हो जाएगा।
जल्द शुरू होगा ट्रायल
अब जल्द इसका ट्रायल रन शुरू होगा। ट्रायल शुरू होने के बाद इस तकनीक का उपयोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए हो सकेगा। भारत में अगर हाइपरलूप सिस्टम शुरू हुआ तो सड़क परिवहन और रेलवे का स्वरूप ही बदल जाएगा। यह तकनीक बेहद तेज होने के साथ ही पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है। इससे न केवल एनर्जी सिस्टम में बदलाव होंगे, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक सफर मिलेगा। भारत भी उन चुनिंदा देशों में शामिल हो चुका, जो हाइपरलूप तकनीक को अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में इस सिस्टम का परिवहन के क्षेत्र में कितना असर होगा, यह देखने वाली बात होगी?
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