'भारतीय तोड़फोड़ नहीं करते', यूरोप में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर पीयूष गोयल ने कसा तंज

Piyush Goyal Visit To Germany: फ्रांस, इटली और पुर्तगाल जैसे यूरोपीय देशों में हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले, जिसको लेकर पीयूष गोयल ने कहा है कि जब भारतीय लोग विदेशों में रहते हैं, तो वो इस तरह के तोड़फोड़ में यकीन नहीं रखते.

France Paris Piyush Goyal PTI

यूरोप के हिंसक प्रदर्शनों पर आया पीयूष गोयल का बयान (Photo-PTI)

Piyush Goyal On Protests in Europe: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विदेशों में भारतीय समुदाय के शांतिपूर्ण आचरण की सराहना की है. उन्होंने यूरोप के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं के उलट, विदेशों में रहने वाले भारतीयों की अच्छी छवि का जिक्र किया. जर्मनी की अपनी 2 दिवसीय यात्रा के दौरान बर्लिन में भारतीय समुदाय के लोगों से बात करते हुए, गोयल ने कहा कि विदेशों में भारतीयों का स्वागत किया जाता है क्योंकि वो वहां के स्थानीय कानूनों का सम्मान करते हैं और अपने परिवारों के साथ शांति से जिंदगी जीते हैं.

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भारतीय समुदाय की तारीफ

गोयल ने कहा कि भारतीय समुदाय ने अपने व्यवहार और जिस देश में वो रहते हैं, वहां समाज के प्रति अपने योगदान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सम्मान हासिल किया है. उन्होंने बताया कि भारतीयों को कानून का पालन करने वाले लोगों के रूप में देखा जाता है, जो ऐसी गतिविधियों से दूर रहते हैं जिनसे पब्लिक लाइफ में रुकावट आए.

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भारतीय समुदाय की अच्छी छवि पर जोर देते हुए गोयल ने कहा कि जर्मनी और दूसरे देशों में भारतीयों का स्वागत किया जाता है क्योंकि वे तोड़फोड़ नहीं करते और न ही सड़कों पर हंगामा करते हैं, जैसा कि यूरोप के कुछ देशों में देखने को मिला है. उनका ये कमेंट फ्रांस, स्पेन और इटली सहित यूरोप के कई देशों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है. हालांकि कई प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं, लेकिन कुछ जगहों पर झड़पें हुईं, लूटपाट हुई और सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा.

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भारतीय छात्रों की मदद की अपील

प्रवासी भारतीयों के साथ बातचीत के दौरान पीयूष गोयल ने भारतीय समुदाय के लोगों से अपील की कि वो हायर एजुकेशन के लिए जर्मनी आने वाले छात्रों की मदद करें. उन्होंने खास तौर से आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड वाले स्टूडेंट्स की मदद करने पर जोर दिया. मंत्री के मुताबिक दूसरे भारतीयों से मिलने वाला मार्गदर्शन और सहयोग, नए लोगों के लिए किसी दूसरे देश में ढलना और विदेश में पढ़ाई के दौरान आने वाली चुनौतियों का सामना करना आसान बना सकता है. गोयल ने भारतीय कामगारों के योगदान को भी सराहा और उन्हें समर्पित और मेहनती बताया. उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों ने भारत और जर्मनी के बीच लोगों के आपसी संबंधों और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है.

भारत-जर्मनी के बीच आर्थिक रिश्तो पर जोर

जर्मनी की अपनी यात्रा के दौरान पीयूष गोयल ने सरकारी प्रतिनिधियों, बिजनेस लीडर्स और रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ चर्चा की. इन मीटिंग्स में व्यापार, निवेश, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और उभरती टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर फोकस किया गया. भारतीय समुदाय के साथ उनकी बातचीत का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में उनके योगदान को मान्यता देना और दोनों देशों के बीच लगातार सहयोग को बढ़ावा देना भी था.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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