केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में बताया कि भारत के पहले स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप पर काम किया जा रहा है। उन्होंने ऐलान किया कि पहली मेड-इन-इंडिया सेमीकंडक्टर चिप इस साल लॉन्च होने की संभावना है। दरअसल, न्यूज 18 राइजिंग भारत समिट में अश्विनी वैष्णव शामिल हुए, जहां पर उन्होंने बताया कि पायलट की प्रतिक्रिया अच्छी थी, साथ ही अच्छी प्रगति भी देखी गई है। 15,000 किलोमीटर के साथ 10,000 लोकोमोटिव में इसे लागू करने का काम चल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कई अमीर देशों को अपने नेटवर्क को कवर करने में लगभग 20 साल लग गए, लेकिन मुझे लगता है कि हमें इसे 6 साल में पूरा कर लेना चाहिए। इसके अलावा जानिए उन्होंने और क्या कुछ कहा।
स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन (PSMC) के साथ साझेदारी में गुजरात के धोलेरा में देश का पहला सेमीकंडक्टर फैब बना रही है। इसकी प्रगति पर पूरी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, सभी पांच इकाइयों का निर्माण बहुत अच्छी तरह से चल रहा है। प्लांट्स स्थापित हो रहे हैं, और कुछ जगह पर मशीनरी वेरिफिकेशन पहले से ही चल रहा है। इस साल पहली मेड-इन-इंडिया चिप को रोल आउट करने के लिए यह पूरी तरह से सही रास्ते पर हैं।
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वंदे भारत क्यों है अलग?
भारत में विकसित कवच आटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली, रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स आर्गेनाइजेशन (RDSO) द्वारा पिछले साल जुलाई में इसके संस्करण 4.0 को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद से ही इसे देश भर में अपनाए जाने की ओर आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों पर भी चर्चा की। जिसमें उन्होंने कहा कि यह ट्रेन रफ्तार, अंदर के शोर और कंपन के स्तर के मामले में भारत में मौजूद ज्यादातर बड़ी ट्रेनों से आगे है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसका डिजाइन बहुत सोच-समझकर बनाया गया है।
जम्मू और श्रीनगर को रेल से जोड़ना
19 अप्रैल को कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत को लेकर भी अश्विनी वैष्णव ने बात की। उन्होंने कहा कि जम्मू और श्रीनगर को रेल से जोड़ना देश का एक बड़ा सपना है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसका सपना देखा है। यह एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसके लिए दृढ़ता, जबरदस्त डिजाइन का काम, बहुत से इंजीनियरिंग इनपुट की जरूरत थी। यह बहुत मुश्किल प्रोजेक्ट है, लेकिन यह प्रधानमंत्री की राजनीतिक इच्छाशक्ति है कि यह प्रोजेक्ट पूरा हो गया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम
अश्विनी वैष्णव ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत एआई की रेस में पीछे नहीं है। आने वाले समय में वह AI तकनीक को अपनाने वाले बड़े देशों में शामिल हो जाएगा। भारत अपना खुद का Large Language Model (LLM) बना रहा है, जो खास तौर पर भारतीय भाषाओं और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए तैयार होगा। इस एआई मॉडल का पहला वर्जन अगले 4 से 10 महीनों के अंदर आने की संभावना है।
पिछले डेढ़ साल से भारत की टीमें स्टार्टअप्स, प्रोफेसर्स और रिसर्चर्स के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को लेकर काम कर रही हैं। उन्होंने आगे बताया कि मॉडल बनाने के लिए देशभर से प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। यह मॉडल भारत की विविध भाषाओं और सांस्कृतिक मूल्यों को समझेगा और बिना किसी पूर्वाग्रह (bias) के काम कर सकेगा।
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