हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: DiwaliIndia blocGyanesh KumarBigg Boss 20

भारतीय सेना के 40 जवानों की टुकड़ी मंगोलिया रवाना, क्यों खास है जाट रेजिमेंट का यह मिशन?

Indian army Jat Regiment: भारतीय सेना की 40 जवानों की टुकड़ी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘खान क्वेस्ट’ में शामिल होने के लिए मंगोलिया रवाना हो गई है. 20 जून से शुरू होने वाले इस अभ्यास में दुनिया भर के सैनिक एक साथ युद्ध कौशल और शांति अभियानों की बारीकियां सीखेंगे. जानिए क्यों खास है जाट रेजिमेंट का यह मिशन.

विज्ञापन

Indian army Jat Regiment: भारतीय सेना की एक जांबाज टुकड़ी बहुपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘एक्सरसाइज खान क्वेस्ट’ में हिस्सा लेने के लिए मंगोलिया रवाना हो चुकी है. यह प्रतिष्ठित सैन्य अभ्यास 20 जून से 03 जुलाई 2026 तक मंगोलिया के उलानबटार स्थित ‘फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया’ में आयोजित किया जा रहा है. इस मिशन में भारतीय सेना के 40 जवानों की टुकड़ी शामिल है, जिसका नेतृत्व मुख्य रूप से जाट रेजिमेंट की एक बटालियन के सैनिकों द्वारा किया जा रहा है. इसके साथ ही सेना के अन्य हथियारों और सेवाओं के विशेषज्ञ कर्मी भी इस दल का हिस्सा हैं.

वैश्विक शांति और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा

यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर के अध्याय VII के तहत शांति समर्थन अभियानों में आपसी सहयोग और तालमेल (इंटर-ऑपरेबिलिटी) को बढ़ाने के लिए आयोजित किया जा रहा है. इसमें दुनिया भर के कई देशों की सेनाएं एक साथ मिलकर अपने युद्ध कौशल को साझा करेंगी. भारत की इस भागीदारी से न केवल वैश्विक शांति प्रयासों को बल मिलेगा, बल्कि मंगोलिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी भी और मजबूत होगी.

2003 से हुई थी शुरुआत

आपको बता दें कि ‘खान क्वेस्ट’ अभ्यास की शुरुआत साल 2003 में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के बीच एक द्विपक्षीय कार्यक्रम के रूप में हुई थी. इसके बाद, साल 2006 से इसे एक बहुपक्षीय शांति स्थापना अभ्यास में बदला गया, जिसमें कई देश शामिल होने लगे. पिछला संस्करण पिछले साल 14 से 28 जून 2025 तक मंगोलिया में ही हुआ था.

विज्ञापन

हर मौसम और हर परिस्थिति से निपटने की तैयारी

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भाग लेने वाले देशों के सशस्त्र बलों को किसी भी समय और किसी भी मौसम में शांति मिशनों के लिए पूरी तरह तैयार करना है. 14 दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास के दौरान भारतीय सैनिक अन्य देशों की सेनाओं के साथ मिलकर कई जटिल और चुनौतीपूर्ण अभियानों का अभ्यास करेंगे. यह अभ्यास भाग लेने वाले देशों के सैनिकों के बीच आपसी विश्वास, तालमेल और भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ-साथ बेहतरीन सैन्य तकनीकों को एक-दूसरे के साथ साझा करने का एक बड़ा मंच साबित होगा.

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola