बलूचिस्तान में हुई हालिया हिंसा को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को भारत ने रविवार को 'निराधार' बताते हुए सख्ती से खारिज कर दिया. भारत ने कहा कि ये दावे पाकिस्तान की अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने की एक कोशिश है.
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करता है. विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके कहा है कि, 'हम पाकिस्तान द्वारा लगाए गए निराधार आरोपों को साफ तौर पर खारिज करते हैं. जो उसकी अपनी आंतरिक नाकामी से ध्यान भटकाने की सामान्य रणनीति के अलावा और कुछ नहीं हैं.'
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भारत ने कहा कि पाकिस्तान को हर हिंसक घटना के बाद तुच्छ दावे करने के बजाय अपने लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए. साथ ही विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हर बार हिंसक घटना होने पर तुच्छ दावों को दोहराने के बजाय, बेहतर होगा कि वह अपने लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने पर ध्यान दे. दमन, क्रूरता और मानवाधिकारों के उल्लंघन का उसका रिकॉर्ड सबको पता है.'
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बता दें, बलूच विद्रोहियों ने एक साथ 14 जगहों पर हमला कर दिया था. इसके बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बलूचिस्तान के हमलों में भारत के शामिल होने का आरोप लगाया था. जबकि बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शनिवार को हमलों की जिम्मेदारी ली थी. इस विद्रोही गुट ने इसे 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0' का नाम दिया है. विद्रोही समूह ने दावा किया कि 84 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए, 18 को जिंदा पकड़ लिया गया है. साथ ही बताया कि 30 सरकारी संपत्तियां नष्ट कर दी गईं और 23 वाहनों को आग लगा दी गई है.
वहीं, पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने इससे विपरित बयान दिया है. सेना की मीडिया विंग ISPR के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 92 उग्रवादियों को मार गिराया, जबकि 15 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है.