वर्तमान में चल रही लड़ाई और भविष्य की सुरक्षा नीति को देखते हुए भारतीय सेना ने अपने शक्ति को और ज्यादा धार देने के लिए पिनाका के एक और रेजिमेंट की तैनाती कर दी है। जी हां, पिनाका का यह सातवां रेजिमेंट है जिसकी तैनाती की गई है। DRDO ने न्यूज 24 को बताया कि इसी साल पिनाका के आठवें रेजिमेंट की भी तैनाती कर दी जाएगी। बचे हुए दो पिनाका के रेजीमेट साल 2027 के जनवरी महीने में कर दी जाएगी। यानी इसकी संख्या 10 हो जाएगी।
आपको बता दें कि सेना का मुख्य लक्ष्य 22 पिनाका के 22 रेजिमेंट की तैनाती को लेकर के है जिसकी तैयारी की जा रही है। यह पिनाका की ताकत ही है जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया था।
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आखिर किन खासियत की वजह से पिनाका भारतीय सेना की आंखों का काजल बना हुआ है। मेजर जनरल एसके सिंह के मुताबिक भारतीय सेना का यह पहला मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है.और इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि बेहद की कम मिनट या सेकेंड में यह दुश्मन के अड्डों पर बड़े तादाद में एक के बाद एक रॉकेट को दाग सकता है।
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इसका निशाना इतना सटीक है कि दुश्मन इसके वार से चौतरफा घिर सकता है। नई जेनरेशन की पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट 90 किलोमीटर तक सटीक निशाना लगा सकते हैं। एक सैल्वो में यह 12 रॉकेट मात्र 44 सेकंड में दाग सकता है। जबकि इससे पहले वाली पिनाका सिस्टम मात्र 40 किमी तक ही वार करने की क्षमता रखती थी। पिनाका रेजिमेंट को भारत-पाकिस्तान सीमा के साथ ही चीन की सीमा पर भी तैनात किया गया है।
रक्षा मामलों के जानकार दिनाकरण पेरी के मुताबिक, जब गलवान की घटना हुई तो उसके बाद से ही भारतीय थल सेना ने अपनी आर्टिलरी की ताकत को बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना शुरु कर दिया था। इसी वजह से 2580 करोड़ के कॉट्रेक्ट के तहत टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और लार्सन एंड टुब्रो को छह रेजिमेंट बनाने का ऑर्डर दिया गया था। अब सातवां रेजिमेंट भी सीमा पर तैनात हो गया है।
क्या है पिनाका की सबसे अहम खासियत?
- यह किसी भी मौसम में काम करने की क्षमता रखता है।
- मिनट नहीं सेकेंड में एक के बाद एक कई रॉकेट दाग सकता है।
- गाइडेड वर्जन में सटीक निशाना लगाने की क्षमता है. लॉन्चर चार हाइड्रॉलिक आउट्रिगर्स पर टिका होता है, जो फायरिंग के समय बैलेंस देते हैं।
आपको बता दें कि ईरान के डिफेंस सिस्टम को देखते हुए भारतीय सेना ने भी अब एडवांस और लंबी रेंज वाली नई पीढी की पिनाका को शामिल करने के लिए लगातार काम कर रही है। इससे भारतीय सेना की ताकत में कई गुणा ज्यादा ईजाफा हो सके। सूत्रों के मुताबिक पिनाका की ताकत अब तो भारतीय सेना की रीढ़ का हड्डी बन गया है।
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