India Foreign Ministry spokesperson reacted Pakistan: ‘पाखंडी पाकिस्तान खोखले उपदेश देने के बजाय पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह अपने अंदर झांके और अपने खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड पर ध्यान दे. विदेश मंत्रालय ने यह प्रक्रिया पाकिस्तान की ओर से भारत में मानवाधिकार के हनन के मसले को उठाए जाने पर दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को प्रेस कॉफ्रेंस में पाकिस्तान को लेकर कहा कि एक ऐसे देश के तौर पर जिसका अपने अल्पसंख्यकों, के दमन, कट्टरता और बुरे बर्ताव का गहरा दागदार रिकॉर्ड है, के पास दूसरों को लेक्चर देने का कोई नैतिक आधार नहीं है. गौरतलब है कि पाकिस्तान ने कथित संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का हवाला देकर कश्मीर में मानवाधिकारों का ‘उल्लंघन’ होने का आरोप लगाया था.
पाकिस्तान ने क्या लगाए थे आरोप
सिंध को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान के बाद पाकिस्तान ने फिर कश्मीर राग अलापा था. कथित संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगाए थे. पाकिस्तान ने कथित यूएन की रिपोर्ट का हवाला देकर दावा किया था कि 2025 के अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार के उल्लंघन की घटनाएं हुईं. पाकिस्तान पहले भी ऐसे मनगढ़ंत दावे करता रहा है.
अयोध्या के राम मंदिर पर पवित्र ध्वज फहराने की भी की निंदा
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बीते दिन जारी आधिकारिक बयान में अयोध्या में मंगलवार को हुए ध्वजारोहण समारोह और जनवरी 2024 में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए दावा किया था कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर दबाव बनाने का एक तरीका है और उसने इन घटनाओं की ओर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की थी।