अमेरिका के बाद भारत और ब्राजील के बीच व्यापार समझौता हुआ है। शनिवार को दिल्ली में दोनों देशों के बीच बैठक हुई। इस दौरान साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। पिछले साल यानी 2025 में भारत और ब्राजील के बीच 15.21 अरब डॉलर तक व्यापार हुआ था। इसमें 25% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। भारत का एक्सपोर्ट 8.35 अरब डॉलर और ब्राजील से इंपोर्ट 6.85 अरब डॉलर तक रहा। इसके अलावा ब्राजील में भारतीय निवेश 15 अरब डॉलर से ज्यादा रहा।
बता दें कि इन दिनों ब्राजील के राष्ट्रपति लूला और उनका प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर हैं। शनिवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की उपस्थिति में भारत और ब्राजील के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। हम अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा व्यापार सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है। यह भरोसे का प्रतीक है।
---विज्ञापन---
---विज्ञापन---
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि हम ब्राजील में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने पर काम कर रहे हैं। हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सुपरकंप्यूटर, सेमीकंडक्टर और ब्लॉकचेन जैसे क्षेत्रों में भी अपने सहयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं। दोनों देशों का मानना है कि प्रौद्योगिकी समावेशी होनी चाहिए और साझा प्रगति के लिए एक सेतु का काम करना चाहिए।
भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ दा नोब्रेगा ने कहा कि राष्ट्रपति लूला और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बहुत अच्छी समझ और दोस्ती है, जिससे दोनों देशों के संबंध ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच रहे हैं। बताया कि राष्ट्रपति लूला भारत की राजकीय यात्रा पर 11 कैबिनेट मंत्रियों, 300 से अधिक कारोबारियों और 50 सीईओ के बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ आए हैं।
यह भी पढ़ें: ChatGPT के CEO ने एंथ्रोपिक के CEO से क्यों नहीं मिलाया था हाथ? सैम ऑल्टमैन ने खुद बताई वजह