नई दिल्ली: वाईएसआर तेलंगाना पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला ने शुक्रवार को तेलंगाना में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और इसे भारत का सबसे बड़ा घोटाला बताया। शर्मिला ने आरोप लगाया कि 80,500 करोड़ रुपये की परियोजना में निवेश किए गए धन का एक बड़ा हिस्सा गबन किया गया था।
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मिला ने कहा, “मैं यहां भारत में सबसे बड़े घोटाले को उजागर करने के आईं लिए हूं। कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना घोटाला बड़ा है। इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है। उन्होंने आगे दावा किया कि सिंचाई परियोजना मूल रूप से उनके पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी का विचार था, लेकिन अब इसे उलझा दिया गया है।
शर्मिला ने कहा कि कलेश्वरम परियोजना मेरे पिता के दिमाग की उपज थी लेकिन इसे हर रूप में पीछे रखने की कोशिश की गई। इसमें निवेश किए गए 1.2 लाख करोड़ रुपये में से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये केंद्रीय वित्तीय संस्थानों से आए थे। हम सीबीआई निदेशक से मिले और उन्होंने भ्रष्टाचार को देखने के लिए एक डीआईजी रैंक के अधिकारी को नियुक्त किया।
2019 में केसीआर ने किया था सिंचाई परियोजना का उद्घाटन
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने जून 2019 में भूपालपल्ली जिले में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी मल्टी-स्टेज लिफ्ट सिंचाई योजना के रूप में बताया गया। यह प्रोजेक्ट शुरू से ही विवादों में रहा है।
अगस्त 2019 में भोंगिर के कांग्रेस सांसद कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को क्रियान्वित करने में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था।
रेड्डी ने विस्तृत जांच की मांग की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से काम तुरंत रोकने और सरकारी खजाने से संबंधित बड़ी राशि के दुरुपयोग को रोकने का आग्रह किया था। अक्टूबर 2020 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने माना कि तेलंगाना में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को दी गई पर्यावरण मंजूरी कानून का उल्लंघन है। क्षति की सीमा का आकलन करने और आवश्यक बहाली उपायों की पहचान करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन करने का निर्देश दिया गया।
80 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत से बनी है सिंचाई परियोजना
कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई (KLIP) परियोजना का निर्माण मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) द्वारा किया गया है। एमईआईएल के निदेशक बी श्रीनिवास रेड्डी ने एएनआई को बताया था कि 37.08 लाख एकड़ भूमि में सिंचाई के पानी को पूरा करने के लिए परियोजना तैयार की गई थी। परियोजना को प्रतिदिन 3 टीएमसी पानी पंप करने के लिए 7,152 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होती है।
अभी पढ़ें – ‘9वीं पास लालू का बेटा डिप्टी CM, आपका लड़का चपरासी भी नहीं’, प्रशांत किशोर का तेजस्वी यादव पर तंज
80,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ KLIP किसी राज्य द्वारा शुरू की गई सबसे महंगी सिंचाई परियोजना है। यह करीमनगर, निजामाबाद, वारंगल, मेडक, नलगोंडा और रंगा रेड्डी जिले के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया है।
अभी पढ़ें – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
संबंधित खबरें
वाराणसी-साबरमती एक्सप्रेस के स्टॉपेज को मिली मंजूरी, कहां-कहां रुकेगी ट्रेन
3 hrs agoSIR के खिलाफ आंदोलन में शामिल होंगे निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर
4 hrs agoसौरव-आशुतोष रांका को ध्रुव राठी ने बताया 'फ्रीडम फाइटर', क्या बोले अभिजीत?
5 hrs ago'अराजकता की छूट नहीं देता तिरंगा...', CJP नेताओं को BJP का तीखा जवाब
6 hrs agoक्या है SEM कोर्ट? जहां अटकी है सौरव-रांका की रिहाई, अदालत से अलग कैसे?
9 hrs agoनई कार लेकर शोरूम से निकला ग्राहक, बाइक से टकराई बेकाबू कार; Video Viral
9 hrs agoलॉरेंस बिश्नोई गैंग के रडार पर कैसे आया बिहार? दिल्ली से मुंबई तक नेटवर्क
10 hrs ago'सीधे HC क्यों आए', हाईकोर्ट से फटकार के बाद सौरव-रांका ने वापस ली याचिका
12 hrs ago'प्रदर्शन आगजनी में बदल गया', CJP नेताओं पर कोर्ट में फ्रांस का हुआ जिक्र
12 hrs agoरेलवे में 1200 स्टेशन मास्टर पदों पर भर्तियां, जानें पूरी डिटेल
13 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines