भारत और कनाडा के बीच अब रिश्ते बेहतर होते दिखाई दे रहे हैं. दोनों देशों ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है. ये सहमति भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और कनाडा की सुरक्षा सलाहकार नताली ड्रौइन के बीच हुई बैठक के बाद बनी. बैठक में दोनों देशों ने साफ कहा कि अपराध और सुरक्षा से जुड़े मामलों में आपसी सहयोग बहुत जरूरी है. इसलिए अब भारत और कनाडा मिलकर आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग तस्करी और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर काम करेंगे.
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बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा?
इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के यहां सुरक्षा और कानून से जुड़े अधिकारी तैनात करेंगे. इससे पुलिस और जांच एजेंसियों के बीच सीधा संपर्क बना रहेगा और जरूरी जानकारी जल्दी साझा की जा सकेगी. इसका मकसद अपराध पर समय रहते कार्रवाई करना है. बैठक में खास तौर पर ड्रग्स की तस्करी, खासकर फेंटेनाइल जैसी खतरनाक नशीली दवाओं पर चिंता जताई गई. दोनों देशों ने कहा कि ड्रग्स के अवैध कारोबार को रोकने के लिए मिलकर सख्त कदम उठाए जाएंगे. इसके अलावा ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध से निपटने पर भी जोर दिया गया.
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भारत-कनाडा में क्यों आई दूरी?
भारत और कनाडा के रिश्ते पिछले कुछ समय से तनाव में थे. साल 2023 में कनाडा में एक खालिस्तानी समर्थक की हत्या को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद बढ़ गया था. इसके बाद राजनयिक रिश्तों में भी खटास आ गई थी. अब दोनों देश बातचीत के जरिए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. इस बैठक को उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ेगा और सहयोग मजबूत होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा सहयोग बढ़ने से इसका फायदा व्यापार, निवेश और आम लोगों के संबंधों पर भी पड़ेगा.
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