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falseविशेष सत्र बुलाने के लिए किन 16 राजनीतिक पार्टियों ने लिखा मोदी को पत्र? कौन से दो दल नहीं हुए शामिल

इंडिया गठबंधन के नेता मीडिया से बात करते हुए
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इंडिया गठबंधन के 16 नेताओं ने मंगलवार को पीएम मोदी को पत्र लिखकर विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। बताया जा रहा है कि इस विशेष सत्र में विपक्ष के नेता मोदी सरकार से ऑपरेशन सिंदूर और संघर्ष विराम की घोषणा को लेकर सवाल करेंगे। इंडिया गठबंधन की इस मांग से आप और एनसीपी के नेता शामिल नहीं हुए हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि आप और एनसीपी ने अपने रास्ते अलग कर लिए हैं।

पत्र पर 16 दलों के हस्ताक्षर-संजय राउत

मंगलवार को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (उबाठा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं ने बैठक के बाद इस बारे में मीडिया से जानकारी साझा की है। बैठक के बाद शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री को जो पत्र लिखा गया है, उस पर 16 राजनीतिक दलों के नेताओं ने हस्ताक्षर किए हैं। यह कोई सामान्य पत्र नहीं है। विपक्ष जनता की आवाज है।

विशेष सत्र बुलाने के लिए ट्रंप के पास जाना चाहिए

संजय राउत ने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि देश में अब तक जो कुछ हुआ है उस पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाया जाए। अगर राष्ट्रपति ट्रंप के सुझाव पर युद्ध विराम हुआ था तो विपक्ष के बार-बार अनुरोध के बाद भी विशेष सत्र क्यों नहीं बुलाया जा सकता? क्या हमें विशेष सत्र के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के पास जाना चाहिए?

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इन 16 दलों ने की मांग

विशेष सत्र बुलाने के लिए पीएम मोदी को लिख गए पत्र पर कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, शिवसेना (उबाठा), राजद, नेशनल कांफ्रेंस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), इंडियान यूनियन मुस्लिम लीग, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी(आरएसपी), झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), भाकपा (माले) लिबरेशन, केरल कांग्रेस, वीसीके और एमडीएमके के नेता शामिल हैं। इस पत्र पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी हस्ताक्षर किए हैं।

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