दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की महारैली में विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, सीपीआई (एम) नेता एमए बेबी और नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने मंच से लोकतंत्र, संविधान और वोट के अधिकार की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया.
‘जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे, हम लड़ते रहेंगे’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला करते हुए कहा कि मोदी और शाह ने युवाओं, महिलाओं और दलितों के वोट छीनने की कोशिश की है. उन्होंने कहा, “वे ज्ञानेश कुमार के जरिए लोगों के वोट डिलीट करवा रहे हैं. हम ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए ही यहां एकजुट हुए हैं. नरेंद्र मोदी चाहे लाख कोशिश कर लें, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे, हम चुप नहीं बैठेंगे और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.”
‘वोटरों और चीटरों के बीच है यह लड़ाई’
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बीजेपी और आरएसएस पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में कोई भूमिका न निभाने वाले लोग आज देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं. तेजस्वी ने कहा, “आज वही लोग तय कर रहे हैं कि देश में कौन वोट देगा और कौन नहीं. यह लड़ाई देश के ईमानदार वोटरों और व्यवस्था में सेंध लगाने वाले ‘चीटरों’ के बीच की है. हमें मिलकर देश के लोकतंत्र को बचाना होगा और ऐसे लोगों को सबक सिखाना होगा.”
‘पीएम मोदी असत्य के महाराजा हैं’
सीपीआई (एम) के राष्ट्रीय महासचिव एमए बेबी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ‘असत्य के महाराजा’ हैं, जो महिलाओं और किसानों समेत सभी से झूठ बोलते हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश में फासीवाद नहीं चलेगा और ‘वोट चोरी’ को रोकने व संविधान की रक्षा के लिए सभी को मिलकर लड़ना होगा.
‘कोई भी भारतीय वोट से वंचित न रहे’
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने संविधान की बराबरी का संदेश देते हुए कहा कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति भारतीय है. संविधान में सब बराबर हैं और हमें संघर्ष करना होगा ताकि कोई भी नागरिक वोट के अधिकार से वंचित न रहे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई भी प्रांत तरक्की में पीछे रह जाएगा तो देश मजबूत नहीं हो सकता. जम्मू-कश्मीर कल भी भारत का था और आगे भी रहेगा.