INDIA Alliance Meeting: पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के ठीक बाद सोमवार को देश की राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की 8 जून को एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. दोपहर 12 बजे शुरू होने वाली इस बैठक को लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया है कि इसमें 23 विपक्षी दल हिस्सा लेंगे. चुनावी हार के बाद भी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी इस बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंचे हैं, जो गठबंधन के लिए राहत की बात है. लेकिन इस एकजुटता के दावों के बीच गठबंधन के अंदर की बड़ी दरारें भी साफ दिखने लगी हैं.
डीएमके और आप की दूरी ने बढ़ाई चिंता
गठबंधन को सबसे बड़ा झटका तमिलनाडु से लगा है. राज्य के चुनावों में मिली शिकस्त और टीवीके सरकार को कांग्रेस द्वारा समर्थन दिए जाने से नाराज होकर डीएमके (DMK) ने ‘इंडिया’ गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है और उनके नेता इस बैठक में नहीं आ रहे हैं. वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के भी इस बैठक से दूरी बनाने की पूरी संभावना है. बड़े दलों की यह गैर-मौजूदगी विपक्ष की एकजुटता पर बड़े सवाल खड़े कर रही है.
केरल को लेकर कांग्रेस और माकपा में आर-पार
बैठक में केरल विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ विवाद भी गरमाने की उम्मीद है. सीपीएम के वरिष्ठ नेता एमए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बाकायदा चिट्ठी लिखकर अपनी नाराजगी जताई है. सीपीएम का आरोप है कि कांग्रेस नेताओं ने उन पर केरल में बीजेपी के साथ मिलीभगत का झूठा आरोप लगाया, जो गठबंधन धर्म के खिलाफ है. माकपा नेता हन्नान मोल्लाह ने तो यहां तक कह दिया कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस को सबको साथ लेकर चलना चाहिए था, लेकिन उसके नेता जरूरी मैच्योरिटी (परिपक्वता) नहीं दिखा रहे हैं. उन्होंने राहुल गांधी द्वारा डीएमके और सीपीएम को टारगेट करने की भी आलोचना की है.
बीजेपी ने कसा तंज- ‘नो मिशन, सिर्फ कन्फ्यूजन’
बैठक से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्षी खेमे की इस खींचतान पर तीखा हमला बोला है. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि इस गठबंधन के पास कोई मिशन या विजन नहीं है, बल्कि यहां सिर्फ कन्फ्यूजन ही कन्फ्यूजन है. वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि कुछ दलों की अपनी मजबूरियां हो सकती हैं, लेकिन बाकी दल देश के लोकतंत्र, संविधान को बचाने और महंगाई जैसे जरूरी मुद्दों पर सरकार के खिलाफ पूरी मजबूती से एकजुट हैं. सोमवार की इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे जैसे दिग्गज नेता शामिल होकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे.
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