प्रमुख भूमिका को लेकर गठबंधन दलों के बीच कई हफ्तों तक चली खींचतान के बाद बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को संयोजक का पद मिल गया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने यह पद अस्वीकार कर दिया है। नीतीश कुमार ने सुझाव दिया कि कांग्रेस से ही किसी को इस पद की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
आखिर क्यों नीतीश कुमार ने रिजेक्ट किया पद, आइए जानते हैं…
सभी की सहमति से ही स्वीकार करेंगे पद
दरअसल, नीतीश कुमार ने यह कहते हुए पद ठुकरा दिया कि सभी की मौजूदगी में सभी की सहमति होने पर ही वे कोई पद स्वीकार करेंगे, क्योंकि TMC उन्हें संयोजक का पद देने का शुरू से विरोध कर रही है। वैसे उन्हें गठबंधन में किसी पद की लालसा नहीं है। वे सीमाओं में बंधकर नहीं, बल्कि स्वतंत्र रूप से इंडिया गठबंधन में सेवाएं देना चाहते हैं।
शनिवार को हुई गठबंधन की बैठक में सीट शेयरिंग को लेकर कोई चर्चा नहीं हुईं, क्योंकि बैठक में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी शामिल नहीं थी, लेकिन उन्हें आज लिए गए फैसले के बारे में अवगत करा दिया जाएगा। अगली बैठक जल्दी होने की संभावना है, जिसमें सीट शेयरिंग पर चर्चा हो सकती है।
ममता बनर्जी आज की मीटिंग में नहीं आईं
बता दें कि सीट-बंटवारे के एजेंडे, भारत जोड़ो न्याय यात्रा में भागीदारी और गठबंधन से संबंधित अन्य मामलों की समीक्षा के लिए इंडिया गठबंधन की बैठक शनिवार दोपहर को हुई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार ने मुंबई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में भाग लिया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK नेता एमके स्टालिन और पार्टी नेता कनिमोझी करुणानिधि चेन्नई से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य के पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने के कारण अनुपस्थित थीं।