युद्ध के वक्त कैसे अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालता है भारत, वॉर में फंसे हिंदुस्तानियों के लिए कब-कब चला रेस्क्यू ऑपरेशन?

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के हालात टल गए हैं. अमेरिका ने कहा कि फिलहाल वो कोई हमला नहीं करेगा. लेकिन अगर अमेरिका ईरान पर अटैक कर देता तो वहां रह रहे भारतीयों का क्या होता?

Iran America Tussle

Credit: Social Media

विज्ञापन

अमेरिका ने ये ऐलान कर दिया है कि वो फिलहाल ईरान पर हमला नहीं करेगा, लेकिन वो अपने विकल्प खुले रखेगा. व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि ईरान पर उसकी पैनी नजर है, अगर वो भविष्य में अगर आम जनता को निशाना बनाया गया तो खामेनेई सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. अब ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला कर देता, तो वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को कैसे सुरक्षित बाहर निकाला जाता. इसकी क्या प्रक्रिया है, इस बारे में आपको विस्तार से बताते हैं.

दूतावास सबसे पहले होता है सक्रिय

अगर किसी देश में युद्ध के हालात बन जाते हैं तो सबसे पहले वहां का दूतावास एक्टिव हो जाता है. भारत सरकार फिर उस देश की सरकार से अपील करती है कि भारतीय नागरिकों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालने की परमिशन दी जाए. इजाजत मिलने पर भारत की सरकार अपने नागरिकों की देश वापसी के लिए पूरी प्लानिंग करती है. विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने का सबसे आसान तरीका होता है हवाई जहाज. लेकिन कई बार युद्ध के वक्त एयरस्पेस बंद हो जाते हैं. ऐसे में सरकार सड़क या पानी के रास्ते नागरिकों को वापस लाने की योजना तैयार करती है. पहले स्पेशल बसों के जरिए लोगों को सेफ जोन तक पहुंचाया जाता है.

विज्ञापन

दूतावास की होती है अहम भूमिका

युद्ध के हालातों के वक्त सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है दूतावास की. इंडियन एंबेसी खतरे की घंटी बजते ही भारतीय नागरिकों को अलर्ट रहने को कहती है. उनसे खास अपील की जाती है कि वो दूतावास के संपर्क में रहें और फोन या सोशल मीडिया के जरिए लगातार अपडेट लेते रहें. दूतावास का काम होता है अपने नागरिकों को हर मुसीबत से बाहर निकालना.

भारतीयों को बचाने के लिए चले रेस्क्यू ऑपरेशन

भारत कई बार अपने लोगों को युद्ध के वक्त सुरक्षित वापस ला चुका है. 1990 के गल्फ युद्ध में कुवैत में फंसे करीब 1.7 लाख भारतीयों का रेस्क्यू किया गया. करीब 2 महीने चले इस मिशन में 500 फ्लाइट्स के जरिए कुवैत से भारत लाया गया. 2022 में रूस- यूक्रेन युद्ध के वक्त भारत सरकार ने ऑपरेशन गंगा के तहत 18 हजार भारतीयों को यूक्रेन से रेस्क्यू किया गया. सूडान में भारत ने ऑपरेशन कावेरी के तहत करीब 4 हजार भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला था.

विज्ञापन

अफगानिस्तान में फंसे हिंदू शरणार्थियों को बचाया

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत ने ऑपरेशन देवी शक्ति चलाया. इसके तहत भारत के लोगों के साथ-साथ अफगान सिख और हिंदू शरणार्थियों को भी रेसक्यू किया गया. 2025 में ईरान और इजरायल में जारी तनाव के बीच बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और नागरिक फंसे हुए थे. भारत सरकार ने 18 जून 2025 को ऑपरेशन सिंधु के तहत 110 नागरिकों को ईरान से रेस्क्यू किया.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ