कोच्चि: केरल में मानव बलि के एक संदिग्ध मामले में गिरफ्तार तीन लोगों को गुरुवार को कोर्ट ने 12 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। इस मामले में दो महिलाओं की हत्या की गई थी। एर्नाकुलम न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आरोपी भगवल सिंह उसकी पत्नी लैला और मोहम्मद शफी को 24 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
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कोच्चि शहर पुलिस ने मंगलवार को तीनों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस रिमांड रिपोर्ट के अनुसार मुख्य आरोपी मोहम्मद शफी ने इस अपराध की साजिश रची थी। उसने भगवल सिंह और लैला इस अपराध में शामिल किया। कोर्ट में पेश आरोपियों की पुलिस रिमांड रिपोर्ट में यह बताया गया है कि मानव बलि को एक अनुष्ठान के हिस्से के रूप में किया गया था। इससे आरोपियों ने वित्तीय लाभ भी प्राप्त किया।
अदालत को बताया गया कि मरने वाली महिलाओं की पहचान पद्मा और रोसलिन के रूप में की गई थी। मृतक महिलाओं के अवशेषों को मंगलवार को पठानमथिट्टा जिले में लैला के घर के पास गड्ढों से निकाला गया था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पीड़िता को पैसे का झांसा देकर लालच दिया। रिमांड रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ितों के शवों को दफनाने से पहले काट दिया था।
गौरतलब है कि 26 सितंबर को शफी ने 52 वर्षीय पद्मा से संपर्क किया। वह कोच्चि में लॉटरी टिकट बेचती थी। उसे सेक्स वर्क के लिए 15 हजार रुपये का लालच दिया गया। पुलिस रिमांड रिपोर्ट के अनुसार वह शफी के साथ पथनमथिट्टा जिले में भगवल सिंह और लैला के घर चली गई। वहां, आरोपी ने उसे बेहोश करने के लिए उसके गले में प्लास्टिक की रस्सी से गला घोंट दिया।
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उसके बाद शफी ने चाकू से पद्मा के निजी अंगों को काट दिया और उसका गला काट दिया। उसके बाद उन्होंने उसे 56 टुकड़ों में काट दिया और कटे-फटे शरीर के अंगों को बाल्टियों में डाल दिया और उन्हें एक गड्ढे में दबा दिया। पुलिस के अनुसार वह नरभक्षण की संभावना की जांच कर रही है कि आरोपी ने संभवत: पीड़ितों का मांस खाया था। इससे पहले कोच्चि के पुलिस आयुक्त सीएच नागराजू ने कहा था कि मुख्य आरोपी शफी एक विकृत व्यक्ति था और उसका आपराधिक अतीत रहा है।
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