साल 2025 के लिए नोबेल पुरस्कार विजेताओं की घोषणा लगातार जारी है. इस साल जहां चिकित्सा का पुरस्कार मैरी ई. ब्रुनको, फ्रेड रैमस्डेल और डॉ. शिमोन साकागुची को परिधीय प्रतिरक्षा सहिष्णुता से संबंधित उनकी खोजों के लिए दिया जाएगा. वहीं, भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस को उप-परमाणु क्वांटम टनलिंग की विचित्र दुनिया पर उनके शोध के लिए प्रदान किया जाएगा.
इसके अलावा रसायन का नोबेल सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉब्सन और उमर एम याघी को 1989 से धातु-कार्बनिक ढांचे के विकास में उनके कार्यों के लिए दिया जाएगा. अब 9 अक्टूबर को साहित्य के नोबेल का ऐलान होगा और स्टॉकहोम से इसका ऐलान होगा. फिर 10 अक्टूबर को शांति के नोबेल का ऐलान होगा.
कितनी होती है नोबेल पुरस्कार की राशि
नोबेल पुरस्कार के लिए वर्तमान में प्रति पुरस्कार 11 मिलियन स्वीडिस क्रोनर (SEK) है, जो 2023 के आखिर में करीब 1.2 मिलियन अमरीकी डॉलर थी. पुरस्कार विजेताओं को राशि के साथ-साथ एक डिप्लोमा और 18 कैरेट का स्वर्ण पदक मिलता है. नोबेल फाउंडेशन की स्थापना 29 जून 1990 को हुई थी. यहीं से नोबेल पुरस्कारों का आर्थिक रूप से संचालन किया जाता है.
कैसे होता है नोबेल पुरस्कार के विजेताओं का चयन?
नोबेल समिति बहुमत से नोबेल शांति पुरस्कार के विजेताओं का चयन करती है. ये फैसला समिति द्वारा लिया गया आखिरी फैसला होता है, जिसे कोई नहीं बदल सकता है. इस फैसले के बाद इसे लेकर कोई अपील भी नहीं की जा सकती है. वहीं, नोबेल शांति पुरस्कार को छोड़कर नामांकन सिर्फ आमंत्रण के माध्यम से ही पूरा होता है और नामांकन करने वाले व्यक्ति को पुरस्कार देने वाली संस्थाओं द्वारा निर्धारित किए गए सभी मानदड़ों को पूरा करना होता है. यह पुरस्कार उन्हीं लोगों को दिया जाता है जिनके किसी काम से समाज या फिर मानव जाति के लिए कोई बड़ा बदलाव या उनका कल्याण होता है.
कौन करता है नोबेल विजेता का चयन?
बता दें कि नोबेल फाउंडेशन में 5 लोगों की टीम होती है. वहीं, इस अवॉर्ड के लिए इसका मुखिया स्वीडन की किंग ऑफ काउंसिल की ओर से तय किया जाता है. बाकि चार लोग पुरस्कार वितरक संस्थान के ट्रस्टियों की ओर से तय किए जाते हैं. वहीं, ये पुरस्कार स्वीडन के राजा के हाथों से ही विजेताओं को दिए जाते हैं.
यह भी पढ़ें- फिजिक्स के लिए अमेरिका के तीन साइंटिस्ट को मिला नोबल पुरस्कार, स्वीडन की एकेडमी ने किया ऐलान
नोबेल विजेता चुनने वालों की कैसे होती है सुरक्षा?
नोबेल पुरस्कार चुनने वाली टीम में कुल 5 सदस्य शामिल होते हैं औ वे सभी नॉर्वेजियन संसद के सदस्य होते हैं. जिन्होंने शांति और अंतरराष्ट्री मामलों को लेकर काम किया हो. कमेटी के लोग नॉमिनेशन लेते हैं और फिर वोट करते हुए विजेताओं को चुना जाता है. बता दें कि इन 5 सदस्यों के नाम तो सार्वजनिक होते हैं लेकिन उनके बारे में और कोई भी जानकारी कहीं भी सार्वजनिक नहीं की जाती है.
वहीं, इन 5 सदस्यों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाता है. सभी सदस्यों के घरों के बाहर और अंदर पुलिस या निजी सुरक्षा दल सदस्य तैनात होते हैं. कई बार CCTV और गॉर्ड्स भी लगाए जाते हैं. सदस्यों को आर्मर्ड गाड़ियां दी जाती हैं और उनके फोन भी एन्क्रिप्टेड होते हैं. इतना ही नहीं गाड़ी के दरवाजे और खिड़कियां तक बुलेटप्रूफ होते हैं. फोन के साथ-साथ एन्क्रिप्टेड रेडियो भी दिया जाता है.
संबंधित खबरें
'ज्ञानेश कुमार को बचा रही सरकार...', CJP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र पर लगाए आरोप
7 mins agoमेट्रो, हाईवे और रेलवे… PM मोदी ने तमिलनाडु को दी 13,000 करोड़ की सौगात
18 mins agoहिंदू रक्षा दल के 4 सदस्य गिरफ्तार, CJP प्रोटेस्ट में मारपीट का आरोप
36 mins ago'सोते हुए उठाया, किडनैप किया गया', रिहा होने के बाद ध्रुव राठी का वीडियो
3 hrs ago'न बैरिकेडिंग न इंटरनेट बंद कर सकते', दिल्ली पुलिस को SC का बड़ा आदेश
3 hrs agoCJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक्शन, दिल्ली पुलिस ने की हैं 20 से ज्यादा FIR
4 hrs agoदिल्ली में CJP प्रदर्शन की वजह से दुकानदारों को कितना हो रहा नुकसान?
5 hrs agoकिन शर्तों पर रिहा हुए अभिजीत, सौरव, आशुतोष? मजिस्ट्रेट के छोड़ने के आदेश
6 hrs agoकहां हैं अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका? CJP-अरविंद केजरीवाल का सवाल
8 hrs agoLIVE: 'CEC ज्ञानेश कुमार को बचा रही सरकार', आशुतोष रांका ने किया पलटवार
8 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines