भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी अक्सर अपने बयानों को लेकर विवादों में रहते हैं, हाल ही में उनकी एक टिप्पणी पर हिंदू सेना ने नाराजगी जाहिर की है. हिंदू सेना ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हामिद अंसारी को वर्ष 1984 में मिले पद्म श्री सम्मान को वापस लेने की मांग की है. संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने अमित शाह को ज्ञापन सौंपकर अंसारी के बयानों और उनके कथित पुराने आचरण की जांच कराने की मांग भी की है. हिंदू सेना का आरोप है कि हामिद अंसारी के कुछ बयान हिंदू समुदाय और राइट-विंग विचारधारा को निशाना बनाने वाले हैं.
हामिद अंसानी के किस बयान पर हुआ विवाद?
मामला 18-19 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित एजी नूरानी स्मृति कार्यक्रम में हामिद अंसारी के संबोधन का है. अंसारी ने दिवंगत लेखक एजी नूरानी की किताब ‘द आरएसएस’ का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जुड़े एक बयान का हवाला दिया. इसमें कथित तौर पर जवाहरलाल नेहरू ने हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को कम्यूनिज्म की तुलना में भारत के लिए बड़ी चिंता बताया था. हामिद अंसारी ने अपने संबोधन में नागरिक राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बीच अंतर का भी जिक्र किया.
पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि हाल के वर्षों में ऐसे राजनीतिक रुझान दिखाई दे रहे हैं, जो सिविक नेशलिज्म के कॉन्सेप्ट को चुनौती देते हैं. उनके मुताबिक धार्मिक पहचान के आधार पर नागरिकों में विभाजन, असहिष्णुता और ‘दूसरे’ की भावना पैदा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के सामने चुनौती है.
हिंदू सेना ने क्या कहा?
हिंदू सेना ने हामिद अंसारी के बयानों को आपत्तिजनक बताते हुए गृह मंत्रालय से उनका पद्म श्री सम्मान वापस लेने की मांग की. संगठन का कहना है कि राष्ट्रीय सम्मान पाने वाले व्यक्ति से देश की एकता, संप्रभुता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति प्रतिबद्धता की अपेक्षा की जाती है. विष्णु गुप्ता ने हामिद अंसारी पर राष्ट्रीय सुरक्षा और हिंदू समुदाय से जुड़े गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है. हिंदू सेना का कहना है कि जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर सम्मान वापस लिया जाना चाहिए.
बीजेपी और सीएम योगी ने भी साधा निशाना
हामिद अंसारी की टिप्पणी पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि उनके बयान कांग्रेस की मौजूदा वैचारिक दिशा को दर्शाते हैं और कांग्रेस के ‘मुस्लिम लीग-माओवादी’ चरित्र की बात कही. उन्होंने कांग्रेस पर ‘अति-वामपंथ’ की ओर बढ़ने का आरोप भी लगाया. यहां तक कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी हामिद अंसारी की बयान की आलोचना की. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे बयान भारत, भारतीय संस्कृति और परंपरा के खिलाफ हैं.