देशभर में एक बार फिर से मानसून का असर देखने को मिल रहा है. दिल्ली-एनसीआर में एक तरफ जहां बारिश के चलते गर्मी से राहत मिली, वहीं कई राज्यों में यही वर्षा आम लोगों के लिए आफत बन गई है. असम में भारी बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने की वजह से कई इलाकों में बाढ़ आ गई है, लोगों के घर आधे पानी में डूबे हुए हैं. राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ की वजह से अब तक 41 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं, 25 जिलों में 7 लाख 27 हजार से अधिक लोग इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.
100 से अधिक लोग लापता
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए सेना की मदद ली जा रही है. भारतीय सेना, वायुसेना और आपदा राहत बलों को बड़े पैमाने पर तैनात किया गया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चराईदेव और शिवसागर सहित बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि इस बार बाढ़ का मुख्य कारण पड़ोसी राज्य नागालैंड से आने वाला पानी का भारी बहाव है. हिमंत बिस्वा ने बताया कि बाढ़ में 100 अधिक लोग लापता हैं और आने वाले समय में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
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