S Jaishankar At United Nations General Assembly: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए आतंकवाद के कथित समर्थन को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की और कहा कि भारत आतंकवादी हमलों के खिलाफ अपनी रक्षा करने के अपने हक का इस्तेमाल करना जारी रखेगा.
PAK का नाम लिए बिना हमला
जयशंकर की यह टिप्पणी पाकिस्तान की तरफ से संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ आरोप लगाए जाने के बाद आई है. अपने भाषण के में सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम लिए बिना, जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के रिकॉर्ड वाले एक देश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने ‘तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने’ की कोशिश की थी.
‘आतंकवाद को नॉर्मल नहीं बनाया जा सकता’
जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद को उचित ठहराने या नॉर्मल बनाने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कामों के लिए जिम्मेदार देशों को अपना नजरिया बदलना चाहिए, उन्होंने कहा कि दोस्ती और सद्भावना पर आधारित रिश्ते आतंकवाद के साथ जारी नहीं रह सकते.
मिडिल ईस्ट को लेकर चिंता
विदेश मंत्री ने गल्फ में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर भी बात की. उन्होंने कहा कि कॉन्फ्लिक्ट जोन से दूर बसे देशों को भी इसका नतीजा भुगतना पड़ रहा है, जबकि जो लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं उनका विकास पर अक्सर सीमित असर होता है. उन्होंने कहा, भारत अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करने वाले कमर्शियल जहाजों और नाविकों को निशाना बनाकर जारी दुश्मनी और हमलों को लेकर फिक्रमंद है. नई दिल्ली ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने, नागरिकों की रक्षा करने और ऊर्जा और कमर्शियल गुड्स की आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील कू. जयशंकर ने कहा कि भारत खाद्य और ऊर्जा-सुरक्षा चिंताओं को दूर करने की कोशिशों में योगदान देने के लिए तैयार है.
‘भारत टू-स्टेट सॉल्यूशन का सपोर्ट करता है’
वेस्ट एशिया के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत टू-स्टेट सॉल्यूशन पर आधारित शांति का समर्थन करता है. उन्होंने फिलिस्तीनियों को भारत की मानवीय सहायता पर भी बात की. उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार अस्थिरता और दबाव ग्लोबल पीस को कमजोर कर सकता है.
यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा
यूक्रेन पर एस जयशंकर ने कहा कि संघर्ष एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है और लंबे समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने की अपील की. उन्होंने कहा कि भारत शांति हासिल करने के मकसद से चल रहे राजनयिक कोशिशों का सपोर्ट करता है. उन्होंने नाविकों की सुरक्षा, फूड और एनर्जी की सप्लाई बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर डाला. जयशंकर ने भारत के विकास की कोशिशों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आवास, बिजली, सड़क और पीने के पानी में प्रोग्रेस ग्लोबल स्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को बेहतर बनाने में योगदान दे सकती है.
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