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'दिवाली गिफ्ट्स के लेन-देन से बढ़ रहा वाहनों से होने वाला प्रदूषण…', बिगड़ते AQI पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर गिफ्ट्स के लेन-देन के लिए इस्तेमाल हो रहे वाहनों को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया है. शुक्रवार को अदालत ने दिल्ली के बिगड़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर जिंता जाहिर करते हुए कहा कि यही गिफ्ट्स की परंपरा भी वाहनों से होने वाले प्रदूषण की बड़ी वजह है.

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सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर गिफ्ट्स के लेन-देन के लिए इस्तेमाल हो रहे वाहनों को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया है. (Photo: ANI)

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर गिफ्ट्स के लेन-देन के लिए इस्तेमाल हो रहे वाहनों को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया है. शुक्रवार को अदालत ने दिल्ली के बिगड़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर जिंता जाहिर करते हुए कहा कि यही गिफ्ट्स की परंपरा भी वाहनों से होने वाले प्रदूषण की बड़ी वजह है. मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने कहा कि अमीरों ने दिवाली पर उपहार देने की परंपरा को एक सोशल और स्टेटस सिंबल बना दिया है.

ये भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में बिगड़ते AQI के बीच लागू हुआ GRAP-3, बढ़ते प्रदूषण पर दिल्ली सरकार का एक्शन

कोर्ट ने क्या कहा?

वायु प्रदूषण से निपटने के लिए रेगुलेटर सिस्टम की समीक्षा से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई करते हुए CJI सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने दिल्ली-NCR में सड़कों पर वाहनों की भारी भीड़ और जगह-जगह लगने वाले जाम पर भी चिंता जताई. CJI ने कहा, ”हम लगातार बातें करते हैं, कभी बयान देते हैं और सुझाव भी देते हैं, लेकिन मुद्दा ये है कि AQI पहले ही 400 के स्तर को छू रहा है.” सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली को आसपास के इलाकों से जोड़ने वाली सड़कों पर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही की ओर ध्यान दिलाया. इनमें गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद शामिल हैं. अदालत ने कहा कि इस प्रदूषण का असली खमियाजा गरीब लोगों को भुगतना पड़ता है, क्योंकि वे सड़कों पर रहते हैं. इसके अलावा, त्योहारों का समय ही होता है, जब उन्हें रोजी-रोटी कमाने का मौका मिलता है.

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‘किसानों को जागरुक करने की जरूरत’

पराली जलाने के मुद्दे पर पीठ ने कहा कि किसानों को जागरूक करने की जरूरत है, ताकि वो खेतों में आग लगाने के बजाय मशीनों का इस्तेमाल करें. केंद्र सरकार और बाकी प्राधिकरणों की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने प्रदूषण के पांच प्रमुख स्रोतों से निपटने के लिए बनाए गए रेगुलेटर सिस्टम की जानकारी दी. इनमें औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों से होने वाला प्रदूषण, निर्माण एवं तोड़फोड़ से उड़ने वाली धूल, सड़कों की धूल और पराली जलाना शामिल हैं. उन्होंने पीठ को बताया कि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. इनमें कुछ श्रेणियों के वाहनों के एंट्री पर बैन, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की जियो-टैगिंग और मोबाइल ऐप व सोशल मीडिया के जरिए मिली शिकायतों के आधार पर स्पष्ट रूप से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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