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इतिहास में पहली बार, दिल्ली-जयपुर तक पहुंच सकती है इस ज्वालामुखी विस्फोट की राख, 10000 साल से था शांत

ज्वालामुखी से निकली राख आसमान में करीब 10-15 किलोमीटर तक ऊपर पहुंच गई. चौंकाने वाली बात ये है कि अब ज्वालामुखी के इस राख के मंगलवार तक दिल्ली और जयपुर तक पहुंचने की उम्मीद है.

Ethiopia volcano eruption: ज्वालामुखी विस्फोट एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन ये किसी नेचुरल डिजास्टर से कम नहीं है. दुनिया में इन दिनों अलग-अलग जगह धरती के नीचे उथल-पुथल मची है. बीते दिनों जापान के सकुराजिमा ज्वालामुखी में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद आसमान में करीब 4 किलोमीटर की ऊंचाई तक काल धुआं देखा गया. अब पूर्वी अफ्रीकी देश इथियोपिया में एक एक्टिव ज्वालामुखी में भयानक विस्फोट से हड़कंप मच गया है. ज्वालामुखी से निकली राख आसमान में करीब 10-15 किलोमीटर तक ऊपर पहुंच गई. चौंकाने वाली बात ये है कि अब ज्वालामुखी के इस राख के मंगलवार तक दिल्ली और जयपुर तक पहुंचने की उम्मीद है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ज्वालामुखी की राख और धुआं लाल सागर के ऊपर से ओमान और यमन की ओर बढ़ रहा है. एक्सपर्ट्स ने बताया कि ज्वालामुखी की राख मंगलवार तक दिल्ली और जयपुर तक पहुंचने की संभावना है, जिससे वहां के मौसम और हवा की स्थिति में बदलाव आ सकता है. यह विस्फोट इथियोपिया के अफार क्षेत्र में हुआ, जो पृथ्वी के सबसे गर्म और दुर्गम इलाकों में गिना जाता है.

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हेली गुब्बी ज्वालामुखी भूगर्भीय दृष्टि से काफी रहस्यमय था और अब तक यहां कोई बड़ा विस्फोट नहीं हुआ था. एक्सपर्ट्स का कहना है कि राख के कारण मध्य पूर्व के व्यस्त हवाई मार्गों पर भी असर पड़ा है. एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारियों ने एयरलाइंस को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि राख विमान के इंजनों को नुकसान पहुंचा सकती है और उड़ान सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है.

मिशिगन टेक के प्रोफेसर साइमन कार्न ने उपग्रह से ली गई तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें विस्फोट की शुरुआत और राख के गुबार का साफ पता चलता है. उपग्रह के आंकड़ों से मालूम हुआ कि राख का गुबार लाल सागर की हवा के साथ पश्चिम से पूर्व की ओर फैल रहा है. हालांकि, यह इलाका बंजर और रेगिस्तानी होने के कारण फिलहाल किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है.


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