भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए स्टाफ के काम की निगरानी करने का आदेश दिया है. IT इंचार्ज और उनकी टीम के काम का सुपरविजन होगा, जिसके लिए एक वर्क लेयर बनाने का आदेश दिया गया है. सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर की जिम्मेदारियों को दूसरे अधिकारी के साथ बांटा गया है. 4 नवंबर को जारी हुआ वर्क ऑर्डर 28 जुलाई के विवादित ऑर्डर के 3 महीने बाद आया है. 28 जुलाई को जारी ऑर्डर को लागू नहीं किया था और 30 जुलाई को दिए गए ऑर्डर में बदलावों को भी वापस ले लिया गया था, जिसके बाद दोनों चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सेक्रेटरी को लेटर लिख एतराज जताया और CEC के काम करने तरीके पर सवाल उठाए, जिसके बाद पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया.
पूरे चुनाव आयोग विवाद का सेंटर पॉइंट सीमा खन्ना
चुनाव आयोग के नए आदेश के अनुसार, IT डिपार्टमेंट की डायरेक्टर सीमा खन्ना को सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर पवन कुमार शर्मा सुपरवाइज करेंगे. सीमा खन्ना विवाद का सेंटर हैं और आरोप हैं कि उनके जरिए ECI ने डिजिटल वोटर रोल इंफ्रास्ट्रक्चर को सेंट्रलाइज कर दिया. राज्य के अधिकारियों को वोटिंग लिस्ट तक पहुंचने से रोकने के लिए सॉफ्टवेयर में पाबंदियां लगा दीं. IT और ICT के अलावा पवन कुमार शर्मा पॉलिटिकल पार्टी, इलेक्शन खर्च पॉलिसी, ऑब्जर्वर डिवीजन और को-ऑर्डिनेशन का काम संभालेंगे. पवन कुमार शर्मा नॉर्थ ईस्ट-II, ईस्ट-II और साउथ-II जोन भी देखेंगे.
चुनाव आयोग के अनुसार, सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग इलेक्शन प्लानिंग का काम देखेंगे, लेकिन उनकी मदद डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर प्रकाश राजपुरोहित करेंगे, जिनके पास डिलिमिटेशन का भी चार्ज है. मनीष गर्ग के पास ईस्ट-I (बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़) और नॉर्थ-III (उत्तर प्रदेश) का भी काम है. डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर भानु प्रकाश येतुरू एडमिनिस्ट्रेशन, एस्टैब्लिशमेंट, इलेक्टोरल रोल और RTI का काम देखेंगे और राजपुरोहित गर्ग के जरिए इलेक्शन प्लानिंग की फाइलें भेजेंगे. नया ऑर्डर पोल पैनल की सहमति से लिया गया है और अब इसके अनुसार ही स्टाफ काम करेगा.
चुनाव आयुक्तों की आपत्ति का केंद्र वर्किंग सिस्टम
चुनाव आयोग के अनुसार, काम करने के तरीके और काम की निगरानी बेहद जरूरी हो गई है, क्योंकि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने 29 जुलाई को कैबिनेट सेक्रेटरी TV सोमनाथन को एक जैसे लेटर लिखे थे. सुखबीर संधू के लेटर के साथ मनीष गर्ग की ओर से 28 जुलाई को जारी किए गए ऑर्डर की कॉपी भी थी, जिसमें उन्हें, सीमा खन्ना और डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर संजय कुमार समेत EC के दूसरे अधिकारियों को काम दिया गया था. लेकिन क्योंकि वह ऑर्डर लागू नहीं किया गया, इसलिए दोनों चुनाव आयुक्तों को सवाल उठाने का मौका मिल गया.
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