चुनाव आयोग प्रमुख ज्ञानेश कुमार पर अब सिर्फ विपक्ष ही नहीं बल्कि बीजेपी के कुछ सहयोगियों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. सबसे पहले केंद्रीय मंत्री और LJP(रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने चुनाव आयोग से उसपर लगे आरोपों की सफाई मांगी, जिसके बाद NDA में शामिल दो और सहयोगियों ने उनसे सुर से सुर मिलाते हुए अपनी बात रखी. राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी चुनाव आयोग से तुरंत स्पष्टीकरण देने की मांग की, जबकि तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के लोकसभा फ्लोर लीडर लावू श्रीकृष्ण देवरायालू ने कहा कि पारदर्शिता से इलेक्शन कमीशन पर भरोसा मजबूत होगा.
ये भी पढ़ें: ‘तानाशाही कर रहे CEC, तत्काल दें इस्तीफा…’ कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर साधा निशाना
क्या है मामला?
शुक्रवार को बीजेपी के तीनों सहयोगियों ने वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग से सफाई मांगी. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने चेतावनी दी कि चुनावों में जनता का भरोसा दांव पर लगा है. दरअसल, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के बाद ये सारा बवाल शुरू हुआ. रिपोर्ट में कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के उन फैसलों के रिकॉर्ड पर आपत्ति जताई थी, जो उनकी जानकारी के बिना लिए गए थे. इनमें फॉर्म 6 में बदलाव और वोटर लिस्ट के डेटा सेंट्रलाइजेशन को लेकर चर्चाएं थीं. रिपोर्ट में ये दावा किया गया कि फॉर्म 6 में जो बदलाव हुए, उनपर संधू और जोशी ने आपत्तियां जताई गई थीं. ये रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष लगातार CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को रोकने की मांग कर रहा है.
BJP के सहयोगियों का क्या कहना है?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि वो ना तो चुनाव आयोग का पक्ष ले रहे हैं और ना ही विपक्ष का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब इलेक्शन कमीशन को जनता के सवालों के जवाब देने चाहिए. LJP(रामविलास) प्रमुख ने कहा, ”अगर लोगों का चुनावी सिस्टम से भरोसा उठने लगे, तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं होगा. इसलिए मुझे लगता है कि चुनाव आयोग को और मजबूती से अपनी बात रखनी चाहिए. आयोग को राहुल गांधी और उनके साथियों की बातों का जवाब देने की जरूरत नहीं है, लेकिन उसे लोगों के मन में मौजूद शंकाओं को दूर करना चाहिए.” TDP के देवरायालु ने कहा कि भले ही आंध्र प्रदेश में SIR पारदर्शी तरीके से किया गया था, फिर भी चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मिलना फायदेमंद होगा. वहीं, RLM सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, ”SIR को लेकर हुए विवाद ने जनता के बीच काफी भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है, ऐसे में चुनाव आयोग को आगे आकर सफाई देनी चाहिए.”
ये भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार ने नहीं दिया इस्तीफा तो 2 अक्टूबर से पूरे देश में करेंगे प्रदर्शन, CJP के अभिजीत दीपके का ऐलान