Election Commission Nationwide SIR: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कराने का ऐलान किया है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में SIR की प्रक्रिया चल रही है। बाकी 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब SIR कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने सभी 23 राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को (CEO) को लेटर लिखकर SIR से जुड़ी तैयारियां शुरू करने को कहा है। एक अप्रैल 2026 से SIR शुरू हो सकता है।
किन 23 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा?
SIR आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू- कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना, उत्तराखंड में कराया जाएगा। इससे पहले बिहार में SIR हो चुका है। अंडमान निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु में SIR जारी है।
चुनाव आयोग का SIR कराने का मकसद क्या?
बता दें कि भारतीय चुनाव आयोग 1951 से लेकर साल 2004 तक देशभर में 8 बार SIR करा चुका है। अब 21 साल बाद SIR हो रहा है। वहीं इसे कराने का मकसद देशभर में वोटर लिस्ट को अपडेट करना है। हर राज्य की वोटर लिस्ट में नए वोटरों को जोड़ना, मृत वोटरों के नाम हटाना, अवैध वोटरों की पहचान करना, एक से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके वोटरों को एक से हटा कर दूसरी वोटर लिस्ट में जोड़ना SIR कराने का मकसद है। बांग्लादेश और म्यामांर से आए अवैध प्रवासियों की पहचान करना SIR की पहली प्राथमिकता रहेगा।
चुनाव आयोग का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन क्या?
बता दें कि चुनाव आयोग की तरफ से वोटर लिस्ट अपडेट करने का काम किया जाता है। इसके लिए हर राज्य में एक प्रक्रिया शुरू की जाती है, जिसे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR- Special Itensive Revision) नाम दिया गया है। इस प्रक्रिया के तहत BLO घर-घर जाकर वोटरों की ID चेक करके वैध वोटरों की पहचान करते हैं। मौजूदा सूची से मृत वोटरों के नाम काटकर नए वोटरों का नाम जोड़ते हैं। किसी के नाम या पते में गलती हुई है तो उसे ठीक करते हैं और फिर चुनाव आयोग उस राज्य की फाइनल वोटर लिस्ट जारी करता है।
चुनाव आयोग कैसे कराएगा देशभर में SIR?
बता दें कि SIR कराने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में एक इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) बनाया जाएगा, जो सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) अधिकारी होंगे। हर पोलिंग बूथ पर 1000 इलेक्टर्स नियुक्त होंगे। वहीं हर पोलिंग स्टेशन पर एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) नियुक्त होगा। हर तहसील में असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स तैनात होंगे।
ERO कोई आदेश जारी करेगा तो उसके खिलाफ पहली अपील डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट सुनेगा। दूसरी अपील राज्य/संघ शासित प्रदेश के CEO सुनेंगे। उपरोक्त सभी अधिकारियों की नियुक्ति के बाद नोटिफिकेशन जारी होगा, जिसमें SIR शुरू करने, ड्राफ्ट रोल जारी होने, आपत्तियां जम कराने और फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने की तारीख का ऐलान होगा।
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