ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट में नाम कटा, तो फॉर्म-6 भरकर दोबारा जुड़वा लें - चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान

चुनाव आयोग ने इस आशंका को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर संबंधित व्यक्ति को SIR के दौरान या उसके बाद नए सिरे से नाम जुड़वाने की प्रक्रिया अपनानी होगी.

election commission, form 6, voter list, SIR, EC SIR, draft list, EC draft list

सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इसके व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है. (Image - ANI)

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में जिन लोगों के नाम शामिल नहीं हैं, उनके लिए चुनाव आयोग ने बड़ी राहत दी है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं. इसके लिए यह जरूरी नहीं है कि वे पहली बार मतदाता बन रहे हों.

विज्ञापन

दरअसल, SIR के दौरान कई ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिनका नाम पहले की मतदाता सूची में शामिल था, लेकिन नई ड्राफ्ट सूची में नहीं है. ऐसे मतदाता फॉर्म-6 भरने से इसलिए हिचक रहे थे क्योंकि इसमें घोषणा करनी होती है कि उनका नाम पहली बार मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है. उन्हें आशंका थी कि पहले से मतदाता होने के बावजूद ऐसी घोषणा करना गलत होगा और इसके लिए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई हो सकती है.

विज्ञापन

पहले से वोटर रहे लोग भी भर सकते हैं फॉर्म-6

चुनाव आयोग ने इस आशंका को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर संबंधित व्यक्ति को SIR के दौरान या उसके बाद नए सिरे से नाम जुड़वाने की प्रक्रिया अपनानी होगी. इसके लिए फॉर्म-6 जमा किया जा सकता है. पहले मतदाता सूची में नाम शामिल रहा हो, तब भी फॉर्म-6 भरना अपने आप में गलत घोषणा नहीं माना जाएगा.

फॉर्म-6 भरने पर नहीं होगी कार्रवाई

आयोग ने अपने निर्देश में कहा है कि केवल इस आधार पर किसी मतदाता के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई नहीं की जाएगी कि उसका नाम पहले की मतदाता सूची में था और उसने SIR के दौरान या उसके बाद फॉर्म-6 जमा किया है. हालांकि, यह राहत इस शर्त के साथ है कि संबंधित मतदाता का नाम किसी दूसरी लोकसभा या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से दर्ज नहीं होना चाहिए और उसकी ओर से की गई घोषणा कानून के अनुरूप होनी चाहिए.

विज्ञापन

दिल्ली HC के फैसले का भी दिया हवाला

चुनाव आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में दिल्ली हाईकोर्ट के 14 अक्टूबर 2026 के फैसले का भी उल्लेख किया है. नीलोत्पल दत्ता एवं अन्य बनाम भारत निर्वाचन आयोग मामले में याचिकाकर्ताओं ने आशंका जताई थी कि पहले से मतदाता होने के बावजूद फॉर्म-6 भरने से गलत घोषणा का मामला बन सकता है. इस पर हाईकोर्ट ने उनकी आशंका को गलत बताया था और कहा था कि वे चाहें तो फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं, जिस पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश

चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस स्पष्टीकरण का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है. आयोग ने कहा है कि स्थानीय भाषाओं में भी इस जानकारी को लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं पाने वाले लोग बिना किसी आशंका के फॉर्म-6 के जरिए अपना नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी कर सकें.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ