हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

पेट्रोल में एथेनॉल के बाद LPG में बायोगैस मिलाने की तैयारी, मोदी कैबिनेट में प्रस्ताव मंजूर, जानें क्या है 'गोबरधन' स्कीम?

एथेनॉल वाले पेट्रोल के बाद बायोगैस वाली CNG-PNG उपलब्ध कराने की प्लानिंग सरकार की है. इसके लिए कैबिनेट मीटिंग में गोबरधन स्कीम के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. आइए इस स्कीम के बारे में और इसके फायदे जानते हैं…

विज्ञापन
एथेनॉल पेट्रोल के बाद बायोगैस युक्त कुकिंग गैस मिलने से लोगों का फायदा होगा.

केंद्र सरकार एथेलनॉल ब्लेंडिंग पेट्रोल के बाद CNG-PNG में बायोगैस मिलाकर नई कुकिंग गैस लेकर आएगी. इसके लिए सरकार ने एक स्कीम बनाई है, जिसके प्रस्ताव को मोदी कैबिनेट में अप्रूव कर दिया है. योजना को ‘गोबरधन’ नाम दिया गया है, जिसके तहत CNG-PNG में 5 फीसदी बायोगैस की ब्लेंडिंग करने की योजना है. अगर यह गैस बन गई तो लोगों को LPG, CNG, PNG गैस का ऑप्शन मिल जाएगा. फिर लोगों को गैस सिलेंडर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वे घर में खुद ही गैस बना सकेंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों का खर्चा कम हो जाएगा.

PM मोदी और सनाए ताकाइची का बड़ा ऐलान, भारत में 10 ट्रिलियन येन का निवेश करेगा जापान

23731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना मंजूर

केंद्र सरकार ने हाल ही में गहराएं LPG संकट के मद्देनजर बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना बनाई है. इसके लिए ही ‘गोबरधन’ स्कीम बनाई गई है, जो करीब 23731 करोड़ रुपये की योजना है, जिसे अगले 10 साल में लागू करने का लक्ष्य है. इस स्कीम के तहत ही CNG-PNG में 5 फीसदी बायोगैस मिक्स करने का प्लान है. PM मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसके बारे में जानकारी दी और बताया कि स्कीम के तहत कृषि अपशिष्ट, गोबर, जैविक कचरे और बायोमास को स्वच्छ ईंधन यानी जैविक खाद में बदला जाएगा.

विज्ञापन

बायोगैस उत्पादन को 10 गुना बढ़ाना मकसद

स्कीम के तहत कुकिंग गैस सप्लाई करेन वाली कंपनियां बायोगैस खरीदेंगी. वित्त वर्ष 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से 5 प्रतिशत बायोगैस CNG-PNG में मिलाई जाएगी. गोबरधन योजना का मकसद देश में बायोगैस के उत्पादन को 10 गुना बढ़ाकर एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करना है. केंद्र सरकार आगामी 10 अगस्त को वर्ल्ड बायोफ्यूल डे पर गोबरधन स्कीम का ऐलान कर सकती है. इसके बाद देश के बायोगैस सेक्टर में बड़ा निवेश होने और नए प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. देशभर में 600 से 700 बायोगैस प्लांट लगाए जाने की योजना भी है.

गोबर गैस से चलेगी Maruti Suzuki की ये गाड़ी, जापान मोबिलिटी शो में आई नजर

विज्ञापन

गोबरधन स्कीम और बायोगैस के ये फायदे

बता दें कि गोबरधन स्कीम के तहत काम करने वाली कंपनियों को ज्यादा सब्सिडी देने का प्रस्ताव है, ताकि नए निवेशक इस सेक्टर में आने के लिए प्रोत्साहन हों. क्योंकि अगर कंपनियों को इन्वेस्टमेंट का अच्छा रिटर्न मिलेगा तो वे तेजी से नए बायोगैस प्लांट लगाएंगी, जिससे देश में बायोगैस का उत्पादन बढ़ेगा और CNG-PNG में इसकी सप्लाई आसान होगी. केंद्र सरकार ने 8 साल पहले SATAT योजना शुरू की थी, जिसका मकसद देशभर में 5000 बायोगैस प्लांट लगाना था. लेकिन 219 प्लांट ही चालू हो पाए हैं. इसलिए गोबरधन स्कीम के तहत एक साल में 600 से 700 नए बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola