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ग्राहक से 34 रुपये एक्स्ट्रा वसूलना ई-कॉमर्स साइट के लिए पड़ा भारी, लगा 57 हजार का भारी जुर्माना

Telangana News: इस बात से हम सभी वाकिफ हैं कि भारत में किसी भी ग्राहक से प्रोडक्ट की एमआरपी से ज्यादा कीमतें नहीं वसूली जा सकती, लेकिन कुछ कंपनियां बेहद चालाकी से दाम बढ़ा देती है, तेलंगाना में ऐसा ही मामला सामने आया जिसके बाद कंज्यूमर कमीशन ने कंपनी पर जुर्माना लगाया.

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ई-कॉमर्स कंपनी को लगा 57000 का जुर्माना (AI Image)

E Commerce Platform Fined: तेलंगाना के एक उपभोक्ता आयोग ने एक ऑनलाइन ग्रोसरी प्लेटफॉर्म को 57000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है. कंज्यूमर कमीशन ने पाया कि प्लेटफॉर्म ने एक ग्राहक से किसी प्रोडक्ट के लिए उसकी MRP से ज्यादा पैसे लिए थे. आयोग ने इस तरह के कदम को ‘अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस’ करार दिया और ऑनलाइन शॉपिंग में पारदर्शी मूल्य निर्धारण के महत्व पर जोर दिया.

कीमत में अंतर कैसे आया सामने?

शिकायतकर्ता पेशे से एक वकील हैं, उन्होंने सितंबर 2023 में इस प्लेटफॉर्म के जरिए कच्चा कटहल और इंस्टेंट पोहा ऑर्डर किया था. टोटल बिल 293 रुपये का बना, जिसमें 5 रुपये हैंडलिंग चार्ज भी शामिल था. शिकायत के मुताबिक, कच्चे कटहल का MRP 150 रुपये था. हालांकि, प्लेटफॉर्म पर इसे शुरुआत में 214 रुपये में लिस्ट किया गया था और डिस्काउंट के बाद अंततः 184 रुपये में बेचा गया. ग्राहक ने इस कीमत पर सवाल उठाया और तर्क दिया कि फाइनल अमाउंट छपे हुए MRP से ज्यादा था.

कंपनी ने तकनीकी गलती का हवाला दिया

कंपनी ने कथित तौर पर इस फर्क के लिए किसी तकनीकी या टाइपिंग की गलती को जिम्मेदार ठहराया. कंपनी ने कहा कि बाद में लिस्टिंग को ठीक कर दिया गया था और प्रोडक्ट के लिए ली गई रकम रिफंड कर दी गई है. हालांकि, रंगा रेड्डी जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इस प्राइसिंग प्रैक्टिस को स्वीकार करने लायक नहीं माना. आयोग ने कहा कि पहले कीमत बढ़ाकर दिखाना और फिर उस पर डिस्काउंट देना कस्टमर को गुमराह कर सकता है और ये एक ‘अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस’ है.

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57000 रुपये का जुर्माना

आयोग ने प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया कि वो शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर 2000 रुपये और कानूनी खर्च के लिए 5000 रुपये का भुगतान करे. इसके अलावा आयोग ने कंपनी को 50000 रुपये की रकम आयोग के ‘उपभोक्ता कानूनी सहायता खाते’ में जमा करने का भी आदेश दिया. इस तरह कुल 57,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है. ये फैसला एक चेतावनी है कि ऑनलाइन रिटेलर्स को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रोडक्ट की कीमतें कंज्यूमर प्रोटेक्शन नियमों के हिसाब हों. डिस्काउंट देने का मतलब ये नहीं है कि कोई सेलर कानूनी रूप से तय MRP से ज्यादा कीमत वसूल सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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