दिवाली 8 नवंबर को है और इस मौके पर फैमिली मेंबर्स, रिश्तेदारों, दोस्तों, पड़ोसियों को गिफ्ट बांटे जाते हैं. भाई-बहनों या माता-पिता को खास तोहफा दिया जाता है. कंपनी की ओर से कर्मचारियों को बोनस, मिठाई और गिफ्ट दिए जाते हैं. पिछले कुछ साल में कंपनियों की ओर से कर्मचारियों को तोहफे में कार, फ्लैट आदि देने के मामले सुने गए. हाल ही में चंडीगढ़-पंचकूला की फार्मा कंपनी ने अपने कर्मचारियों को दिवाली के मौके पर तोहफे में कारें भेंट की. लेकिन दिवाली या अन्य मौके पर दिए जाने वाले गिफ्ट्स इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं और इनके लिए आयकर कानून के तहत नियम तय किए गए हैं. आइए जानते हैं कि कितना महंगा गिफ्ट लिया जा सकता है?
पंचकूला-चंडीगढ़ की कंपनी ने गिफ्ट की कारें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पंचकूला और चंडीगढ़ की फार्मास्यूटिकल कंपनी मिट्स हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर और CEO एमके भाटिया ने अपने कर्मचारियों को बतौर दिवाली गिफ्ट नई कारें भेंट कीं. उन्होंने कर्मचारियों को Kia Sonet SUV कारें गिफ्ट की हैं. लकी ड्रॉ के जरिए मारुति सुजुकी ऑल्टो K10 एक कर्मचारी को भेंट की. लेकिन कंपनी ने कारें की केवल शुरुआती 15 प्रतिशत डाउन पेमेंट पर दी हैं और हर महीने EMI कर्मचारियों की सैलरी से काटेगी. यानी इस मामले में कंपनी इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आएगी, लेकिन अगर कंपनी खुद खरीदकर बिना डाउनपेमेंट और EMI के सीधे कारें गिफ्ट करती तो इनकम टैक्स उन कर्मचारियों को भरना पड़ता, जिन्हें कारें कंपनी ने गिफ्ट की हैं.
कंपनी, रिश्तेदारों, दोस्तों से गिफ्ट पर टैक्स के नियम
इनकम टैक्स एक्ट 2025 की धारा 92(2)(m) के अनुसार, अगर कंपनी कर्मचारियों को सालभर में 15000 रुपये तक का गिफ्ट, कूपन या वाउचर देती है तो वह टैक्स फ्री होगा. लेकिन सालभर में 15000 से ज्यादा का गिफ्ट दिया तो पूरे अमाउंट के लिए टैक्स देना होगा. वहीं कंपनी की तरफ से कर्मचारी को दिए जाने वाले कैश गिफ्ट यानी बोनस पर भी टैक्स लगेगा. यही नियम दोस्तों या रिश्तेदारों से सालभर में मिलने वाले गिफ्ट पर लागू होता है. अगर दोस्त या रिश्तेदार से सालभर में 50000 तक के गिफ्ट लिए तो टैक्स नहीं देना पड़ेगा, लेकिन अगर इससे ज्यादा का गिफ्ट लिया तो पूरी रकम पर टैक्स लगेगा. वहीं इस रकम को इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार ‘इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज’ के तहत गिना जाएगा.
परिवार से गिफ्ट में मिले कैश के लेकर टैक्स के नियम
इनकम टैक्स एक्ट 2025 के अनुसार, दिवाली या किसी भी मौके पर माता-पिता, दादा-दादी, भाई-बहन, पति-पत्नी को दिया या लिया गया कैश गिफ्ट चाहे कितना भी हो, टैक्स के दायरे में नहीं आएगा. लेकिन शादी के मामले में यह देखना होगा कि अगर किसी ने 51000 कैश का शगुन दिया है तो किसने दिया है? अगर रिश्तेदार ने दिया है तो टैक्स भरना पड़ेगा, लेकिन अगर माता-पिता, भाई-बहन या दादा-दादी ने दिया है तो टैक्स नहीं भरना पड़ेगा. इनकम टैक्स के सेक्शन 269 के अनुसार, अगर आप किसी एक शख्स से एक ही दिन में 2 लाख से ज्यादा का कैश लिया तो लेने वाले को पेनल्टी भरनी पड़ेगी.
बोनस या गिफ्ट की रकम पर टैक्स कैसे काउंट होगा?
वहीं कंपनी कर्मचारी को बोनस या गिफ्ट तय लिमिट से ज्यादा देगी तो सैलरी पर टैक्स नियमों के अनुसार ही होगा. बोनस सैलरी का हिस्सा होता है और टैक्स बोनस की पूरी रकम पर लगेगा. बोनस को एनुअल बेसिक सैलरी और अन्य भत्तों के साथ जोड़कर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा. लेकिन गिफ्ट के मामले में तय लिमिट से ज्यादा रकम होने पर पूरी रकम पर टैक्स लगेगा. प्रॉपर्टी की बात करें तो अगर गिफ्ट की गई जमीन या मकान की स्टांप ड्यूटी वैल्यू 50000 रुपये से ज्यादा होगी तो प्रॉपर्टी की पूरी रकम टैक्स के दायरे में आएगी.