दित्वाह-मोंथा, फेंगल…आखिर कौन रखता है साइक्लोन के नाम? जानिए Ditwah का क्या है मतलब

Ditwah Cyclnoe: बंगाल की खाड़ी में उठ रहा चक्रवाती तूफान दित्वाह पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं. तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहे इस तूफान के कारण तटीय इलाकों में राज्य सरकारों द्वारा अलर्ट जारी किया गया है जिससे लोगों को किसी तरह का नुकसान नहीं हो. वहीं, लोग अक्सर ये भी सोचते हैं कि आखिर इन तूफानों का नाम कौन रखता है और ये नाम कैसे तय किए जाते हैं. तो आज इस खबर में हम इसी पर बात करेंगे.

CYCLONE

बंगाल की खाड़ी में उठ रहा चक्रवाती तूफान दित्वाह पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं. तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहे इस तूफान के कारण तटीय इलाकों में राज्य सरकारों द्वारा अलर्ट जारी किया गया है जिससे लोगों को किसी तरह का नुकसान नहीं हो. वहीं, लोग अक्सर ये भी सोचते हैं कि आखिर इन तूफानों का नाम कौन रखता है और ये नाम कैसे तय किए जाते हैं. तो आज इस खबर में हम इसी पर बात करेंगे.

क्या होता है दित्वाह का अर्थ?

इस बार इस चक्रवाती तूफान का नाम यमन ने सुझाया है. इस नाम का अर्थ है लैगून (Lagoon). वास्तव में यह नाम यमन के फेमस सोकोट्रा आइलैंड पर मौजूद खूबसूरत जगह ‘डेटवा लैगून’ से लिया गया है. यमन की यह जगह पूरी दुनिया में अपनी प्राकृतिक सुदंरता और शांत माहौल के लिए मशहूर है.

कितने देश मिलकर तय करते हैं तूफान का नाम?

दरअसल, चक्रवातों के नामकरम की इस प्रक्रिया में कुल 13 सदस्य देश शामिल हैं. ये सभी 13 देश 13-13 नाम सुझाते हैं. जिसमें कुल मिलाकर 169 नामों की एक लिस्ट तैयार होती है. इन देशों में भारत, ईरान, बांग्लादेश, मालदीव, ओमान, म्यांमार, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, पाकिस्तान, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और यमन देश शामिल हैं.

कैसे होता है नाम का चयन?

जब भी किसी देश में कोई चक्रवात आता है तो नामकरण देशों के एल्फाबेटिकल ऑर्डर के हिसाब से उस देश की तरफ से सुझाए गए नामों की सूची से अलगा नाम रखा जाता है. इसे ऐसे समझें जैसे- पिछली बार अगर यूएई की बारी थी तो अगली बार बांग्लादेश की होगी. फिर भारत, ईरान और इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए इस बार बारी यमन की थी और यमन ने तूफान को नाम दिया ‘दित्वाह’. मिली जानकारी के अनुसार, यह सिस्टम साल 2000 में शुरू किया गया था, इसका मकसद लोगों को सावधान करने और बचाव कार्यों को आसान बनाने के लिए ताकि एक साथ कई तूफान आने पर किसी तरह का कोई कन्फ्यूजन न हो.

तूफान के नामकरण के क्या हैं नियम?

अंतर्राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के तहत सुझाए गए नामों के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं.

  • जैसे चक्रवाती तूफानों के नाम छोटे और ऐसे हों जिन्हें लोग आसानी से बोल सकें.
  • नाम ऐसे होने चाहिए जिनसे किसी भी देश की संस्कृति, राजनीति या धार्मिक भावनाएं आहत न हों.
  • इसके अलावा नियमों में ये भी कहा गया है कि एक बार इस्तेमाल होने वाले नाम को दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.
  • नाम ज्यादा से ज्यादा 8 अक्षर लंबे हो सकते हैं.

क्या है साइक्लोन दित्वाह?

साइक्लोन दित्वाह एक ट्रोपिकल साइक्लोन है. जो हाल ही में बंगाल की खाड़ी में बना है. इस बार के तूफान का नाम दित्वाह (Ditwah) यमन द्वारा रखा गया है. उत्तरी हिंद महासागर (अरब सागर और बंगाल की खाड़ी को शामिल किया जाता है) में बनने वाले साइक्लोन के नाम नई दिल्ली स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) तय करता है. उत्तरी हिंद महासागर में चक्रवातों का नामकरण करने वाले पैनल में शामिल 13 देशों में से इस बार ‘दित्वाह’ नाम यमन ने दिया है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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