राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है. इसका सम्मान बनाए रखना हर नागरिक की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है. कई बार जानकारी के अभाव में लोग तिरंगे के उपयोग या प्रदर्शन के दौरान अनजाने में गलतियां कर बैठते हैं, जो राष्ट्रीय ध्वज के अनादर की श्रेणी में आता है. इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस (CP) में ‘तिरंगा’ मार्च को लेकर नागरिकों को तिरंगे से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी है. दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि हमारे तिरंगे को सर्वोच्च सम्मान मिलना चाहिए और हमारी देशभक्ति हर आचरण में झलकनी चाहिए. इसके साथ ही पुलिस ने 12 प्रमुख नियमों की सूची जारी की है.
तिरंगे के सम्मान में 12 प्रमुख नियम
- सम्मानजनक स्थान: जब भी राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किया जाए, उसे सबसे विशिष्ट और सम्मानजनक स्थान पर रखा जाना चाहिए.
- झुकाना वर्जित: सरकारी निर्देशों के तहत तय विशेष मौकों को छोड़कर तिरंगे को कभी आधा नहीं झुकाया जाएगा.
- केसरिया पट्टी ऊपर: तिरंगे को कभी भी उल्टा यानी केसरिया पट्टी नीचे करके प्रदर्शित नहीं किया जा सकता.
- कवर या लपेटने पर रोक: तिरंगे का उपयोग किसी भी रूप में लपेटने (ड्रेपरी) के लिए नहीं होगा, जिसमें निजी अंतिम संस्कार भी शामिल हैं.
- पहनावे या रुमाल पर नहीं: राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल किसी पोशाक, वर्दी के हिस्से, कुशन, रुमाल, नैपकिन या ड्रेस सामग्री पर कढ़ाई/प्रिंटिंग के तौर पर नहीं किया जा सकता.
- लिखाई पर पूर्ण प्रतिबंध: तिरंगे के ऊपर किसी भी प्रकार का अक्षर या लिखावट दर्ज नहीं की जाएगी.
- सामान ले जाने का साधन नहीं: ध्वज का उपयोग किसी वस्तु को रखने या ढोने के लिए नहीं होगा; केवल राष्ट्रीय पर्वों व विशेष अवसरों पर फहराने से पहले उसके भीतर फूलों की पंखुड़ियां रखी जा सकती हैं.
- प्रतिमा अनावरण: प्रतिमा अनावरण के समय तिरंगा अलग और विशिष्ट रहेगा, इसका इस्तेमाल मूर्ति या स्मारक को ढकने के लिए नहीं किया जाएगा.
- मंच व डेस्क की सजावट नहीं: झंडे का उपयोग वक्ता के डेस्क या पोडियम को ढकने के लिए नहीं किया जा सकता.
- जमीन से न छुए: तिरंगा कभी जानबूझकर जमीन, फर्श या पानी में नहीं छूना चाहिए.
- वाहनों पर ड्रेपिंग नहीं: किसी वाहन, ट्रेन, नाव या विमान की हुड, छत या किनारों पर इसे लपेटा नहीं जाएगा.
- इमारतों को ढकना मना: राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग किसी भी इमारत को ढकने के लिए नहीं किया जा सकता.
तिरंगे के अपमान पर क्या हो सकती है सजा?
भारत में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान करना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए अधिकतम 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है. यह कानून पूरे भारत में लागू है। सजा का निर्धारण मुख्य रूप से राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 के तहत किया गया है।
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