राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान आम जनता के लिए राहत की बड़ी खबर है. केंद्र सरकार ने बाजार में बढ़ते दामों को थामने के लिए सीधी दखल दी है. नासिक से 453.65 टन प्याज लेकर 'कांदा एक्सप्रेस' की पहली विशेष ट्रेन 21 वैगनों के साथ शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंच गई. सरकार इस स्टॉक को दिल्ली-एनसीआर में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी दर पर बेचेगी.
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने उन खबरों को सिरे से खारिज किया, जिनमें 1.21 लाख टन बफर स्टॉक में से 30 प्रतिशत प्याज सड़ने का दावा किया जा रहा था. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का बफर स्टॉक सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता का है. पहली बार भंडारण का जिम्मा केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को दिया गया है, जहां थर्ड-पार्टी नियमित जांच कर रही है. प्याज में 90% पानी होता है और बेहतर वेंटिलेशन के चलते इस साल 72% रिकवरी का अनुमान है, जो पिछले वर्षों से काफी बेहतर है.
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एक हफ्ते में गिरेंगे खुदरा दाम
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में खुदरा प्याज के दाम हाल ही में बढ़कर 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे, जो पिछले साल 33 रुपये थे. अब 'कांदा एक्सप्रेस' से सप्लाई बढ़ने के बाद अगले एक सप्ताह के भीतर खुदरा बाजार में कीमतों में बड़ी गिरावट दिखेगी. दिल्ली के अलावा इस स्टॉक को चंडीगढ़, लुधियाना और जम्मू भेजा जाएगा, जबकि चेन्नई, मदुरै और गुवाहाटी जैसे शहरों में भी आपूर्ति जारी है.
फसल का आउटलुक बेहतर
निधि खरे ने बताया कि अल-नीनो का खतरा टलने और जलाशयों में पानी की बेहतर स्थिति से आगामी खरीफ और रबी फसलों की पैदावार मजबूत रहेगी. वर्ष 2025-26 में देश में 307.37 लाख टन उत्पादन का अनुमान है, जिससे घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की कोई कमी नहीं होगी.
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