दिल्ली से 22 साल बाद इतनी जल्दी विदा हुआ मानसून, IMD ने दिया राजधानी के मौसम का अपडेट
Delhi NCR Monsoon: दिल्ली-एनसीआर से दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह लौट चुका है, जो साल 2002 के बाद सबसे जल्दी हुई विदाई है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से भी मानसूनी हवाएं पीछे हट गई हैं. आने वाले दिनों में दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ रहेगा.
दिल्ली-एनसीआर से दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह लौट चुका है, जो साल 2002 के बाद सबसे जल्दी हुई विदाई है. Credit: ANI
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Delhi NCR Monsoon: राजधानी दिल्ली में इस बार बारिश का दौर उम्मीद से पहले ही थम गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली से पूरी तरह विदा हो चुका है. यह पिछले 22 वर्षों यानी साल 2002 के बाद दिल्ली से मानसून की सबसे तेज और जल्दी वापसी है. वर्ष 2002 में मानसून 20 सितंबर को दिल्ली से लौटा था. मौसम विभाग के अनुसार, मानसून केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों से भी पीछे हट चुका है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ इलाकों से भी मानसूनी हवाएं लौट चुकी हैं. वर्तमान में मानसून की विदाई रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नालिया से होकर गुजर रही है.
मानसून के पीछे हटने के साथ ही दिल्ली और पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में अब ड्राई मौसम की शुरुआत हो रही है. हवा में नमी का स्तर घटेगा और आसमान ज्यादातर साफ रहेगा. हालांकि राहत की बात यह है कि इस सीजन में दिल्ली में मानसूनी बारिश का कोटा समय से काफी पहले ही पूरा हो चुका था, जिससे भूजल और जलाशयों को भरपूर पानी मिला है.
आईएमडी कैसे तय करता है मानसून की वापसी?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून की विदाई का मतलब सिर्फ बारिश का रुकना नहीं होता. इसके लिए कई मौसमी पैमानों की जांच की जाती है. जब लगातार कई दिनों तक बारिश पूरी तरह बंद हो जाती है, हवा में नमी कम होने लगती है और निचले वायुमंडल में एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने लगता है, तब जाकर मानसून की विदाई की घोषणा की जाती है. सामान्य रूप से उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी 17 सितंबर के आसपास शुरू होती है और 15 अक्टूबर तक देश के अधिकांश हिस्सों से विदा हो जाता है.