बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ जैसे-जैसे तटों के करीब आ रहा है, इसका असर दिखना शुरू हो गया है. चेन्नई के तटीय इलाके एन्नोर से डराने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जहां समंदर में उठीं विशाल लहरें सुरक्षा दीवारों को पार कर सीधे मुख्य सड़कों और रिहायशी कॉलोनियों में घुस गईं. न्यूज एजेंसी पीटीआई द्वारा जारी वीडियो में साफ दिख रहा है कि समंदर का पानी बड़ी तेजी के साथ सड़कों पर बह रहा है, जिससे इलाके में भारी जलभराव हो गया है. अचानक बस्तियों में समुद्री पानी घुसने से स्थानीय लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया. प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने और सतर्क रहने की सलाह दी है.
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का अत्यंत प्रचंड रूप
बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ अब अत्यंत प्रचंड रूप ले चुका है. आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में इसका असर साफ दिखने लगा है. समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो चुकी है. मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया है.
विशाखापत्तनम मौसम केंद्र के निदेशक पीएलएन मूर्ति के मुताबिक, तूफान 18 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. तूफान का बाहरी हिस्सा जमीन से टकरा चुका है. अब इसके 28 अक्टूबर की सुबह तड़के 2 से 4 बजे के बीच यानम के दक्षिणी हिस्से के पास तट से टकराने का अनुमान है. इस दौरान 125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं.
89 हजार लोग सुरक्षित निकाले गए, स्कूल बंद
प्रशासन ने अब तक 89,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है. काकीनाडा में निचले इलाकों के निवासियों को वकालापुड़ी स्थित राहत केंद्र में भेजा गया है. सुरक्षा के मद्देनजर कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की निगरानी में राहत कार्य जारी हैं और वे खुद श्रीकाकुलम प्रशासन के सीधे संपर्क में हैं.
ओडिशा में 245 टीमें मुस्तैद
ओडिशा के गंजाम और गजपति जिलों में तेज आंधी और बारिश से पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिन्हें तुरंत हटाकर रास्ते साफ किए गए. मुख्य अग्निशमन अधिकारी रमेश माझी के अनुसार, राज्य सरकार के ‘जीरो कैजुअल्टी मिशन’ के तहत 245 टीमें तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी जान-माल के नुकसान को रोका जा सके. प्रशासन ने लोगों से घरों के भीतर रहने और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है.