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CSIR का कमाल; तंबाकू का ऐसा पौधा किया ईजाद, जिसमें निकोटीन की मात्रा 40-50 फीसदी तक होगी कम

Csirs new invention: दुनियाभर में तंबाकू का काफी अधिक सेवन किया जाता है। तंबाकू में निकोटीन की मात्रा काफी अधिक पाई जाती है। जिसके कारण इसको काफी खतरनाक माना जाता है। लेकिन अब इस बारे में अधिक चिंतित होने की जरूरत नहीं है। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की ओर से अब अच्छी खबर […]

Csirs new invention: दुनियाभर में तंबाकू का काफी अधिक सेवन किया जाता है। तंबाकू में निकोटीन की मात्रा काफी अधिक पाई जाती है। जिसके कारण इसको काफी खतरनाक माना जाता है। लेकिन अब इस बारे में अधिक चिंतित होने की जरूरत नहीं है। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की ओर से अब अच्छी खबर आई है। सीएसआईआर ने अपनी लैब में ऐसे पौधे को उगाया है, जिसमें दूसरों के मुकाबले 40-50 फीसदी तक कम निकोटीन है। इससे तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों की सेहत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। यह भी पढ़ें-पिता की राह पर चले मुकेश अंबानी के तीनों बच्चे; आकाश, ईशा और अनंत नहीं लेंगे सैलरी

जीनोम एडिटिंग से कम किया निकोटीन

सीएसआईआर महानिदेशक एन कलाईसेल्वी ने प्रेस कांफ्रेंस कर पौधे के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी ने तंबाकू के सेहत संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए इसके उपाय खोजने की जरूरत पर जोर दिया था। जिस पर अब काम शुरू कर दिया गया है। प्लानिंग के तहत लैब में तंबाकू का पौधा उगाया गया था। जिसके बाद निकोटीन की मात्रा को 50 फीसदी तक कम करने में सफलता हासिल हुई है। निकोटीन कम करने के लिए जीनोम एडिटिंग की टेक्नीक यूज की गई है।

हर साल 8 लाख लोग मरते हैं तंबाकू से

एन कलाईसेल्वी ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य को लेकर ये अच्छी बात सामने आई है। सीएसआईआर की कोशिश है कि तंबाकू की मात्रा को 50 के बजाय 70 फीसदी तक कम किया जा सके। इससे खास बात यह होगी कि जो लोग स्मोकिंग करेंगे, उन लोगों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचेगा। प्रयोगशाला में कोशिश की जा रही है कि कैसे भी करके लोगों को तंबाकू की लत न लगे, इस पर भी काम किया जा सके। डब्ल्यूएचओ की ओर से जो डाटा सामने आया है। वह काफी चौंकाने वाला है। जिसमें दावा किया गया है कि लगभग हर साल 8 मिलियन लोग तंबाकू के कारण मौत का शिकार हो जाते हैं।


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