दिल्ली के जंतर-मंतर पर 13 अक्टूबर को किए गए विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी दो एफआईआर के सिलसिले में गुरुवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका से करीब चार घंटे तक पूछताछ की. पुलिस ने बताया कि दोनों नेता दोपहर करीब 11 बजे राजौरी गार्डन में क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे और पूछताछ करीब तीन बजे खत्म हुई. पूछताछ के दौरान उनसे कम से कम 70 सवाल पूछे गए, लेकिन उन्होंने उनमें से कुछ का जवाब नहीं दिया.
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता जंतर-मंतर के गैर-अधिसूचित स्थल पर 13 अक्टूबर को दाखिल होने के सिलसिले में अपने खिलाफ दर्ज दो एफआईआर के संबंध में गुरुवार को क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए. अधिसूचना जारी कर जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है.
क्यों दर्ज हुई थी FIR
एक एफआईआर कनॉट प्लेस थाने में और दूसरी एफआईआर संसद मार्ग थाने में दर्ज की गयी थी. बाद में दोनों ही एफआईआर क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई थी. ये मामले जंतर-मंतर पहुंचने के लिए निजी संपत्ति में अवैध रूप से घुसने और वहां लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोपों से जुड़े हैं. इन्होंने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था और राष्ट्र ध्वज फहराया था.
क्या बोले CJP नेता
पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच दफ्तर के बाहर रांका ने पत्रकारों से कहा कि यह 13 अक्टूबर की घटना से जुड़ी एक सामान्य जांच है.उन्होंने कहा, ‘हमने पहले भी कहा है और फिर से कह रहे हैं कि जो भी जांच हो रही है, हम उसमें सहयोग करेंगे. कहीं भी तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं होना चाहिए. हमें पूरी उम्मीद है कि जांच सही तरीके से की जाएगी और हम इसमें पूरा सहयोग करेंगे.’
सूत्रों ने बताया कि पूछताछ निरीक्षक रैंक के अधिकारियों द्वारा की गई. दोनों नेताओ को पहले भी जांच से जुड़ने के लिए समन जारी किया गया था, लेकिन पहले उन्होंने और समय मांगा था एवं पेश नहीं हुए थे.