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जमीनी स्तर तक होगी कांग्रेस की लीगल पहुंच! ‘रैपिड रिस्पांस लीगल फोर्स’ लॉन्च करने की तैयारी में पार्टी

कांग्रेस के राष्ट्रीय लीगल डिपार्टमेंट की बैठक हुई। इस दौरान पूरे देश में तहसील स्तर तक लॉ डिपार्टमेंट, आरटीआई और मानवाधिकार से जुड़े लोगों को संगठित करने का बड़ा निर्णय लिया गया। ये कैसे काम करेगा, पढ़िए दिल्ली से रमन कुमार की रिपोर्ट।

कांग्रेस ने देश भर में 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले अपने लीगल ढांचा को मजबूत करना शुरू कर दिय है। कांग्रेस पार्टी ने अपने लॉ डिपार्टमेंट को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। आज हुई कांग्रेस के राष्ट्रीय लीगल डिपार्टमेंट की अहम बैठक में देशभर में तहसील स्तर तक लॉ डिपार्टमेंट, आरटीआई और मानवाधिकार से जुड़े लोगों को संगठित करने का बड़ा निर्णय लिया गया।

बैठक के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय लीगल डिपार्टमेंट के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि अब जिला स्तर पर लॉ डिपार्टमेंट, आरटीआई और मानवाधिकार से जुड़े पांच सदस्यों की कोर टीम बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर कानूनी गतिविधियों का संचालन करेगी। बैठक में तय सभी फैसलों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को सौंपी जाएगी।

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4 से 6 हफ्ते में होगा ऑर्गनाइजेशनल ढांचा

सिंघवी ने कहा कि देश के करीब 10 से 11 राज्यों के लीगल डिपार्टमेंट अध्यक्ष बैठक में शामिल हुए। जिन राज्यों में अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हुई है, वहां जल्द नियुक्तियाँ की जाएंगी। पूरी प्रक्रिया को 4 से 6 हफ्तों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

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बनेगी ‘रैपिड रिस्पांस लीगल फोर्स’

बैठक में एक रैपिड रिस्पांस फोर्स बनाने पर भी सहमति बनी है। जो जरूरत पड़ने पर तुरंत कोर्ट में प्रभावी कानूनी बहस कर सकेगी। यह फोर्स राज्यवार गठित की जाएगी।

बनेगी ऑल इंडिया लीगल डायरेक्टरी

तीसरा बड़ा फैसला एक अखिल भारतीय डायरेक्टरी तैयार करने का है। इसमें कानून विभाग, मानवाधिकार विभाग और आरटीआई विभाग से जुड़े लोगों के नाम प्रदेश, जिला और तहसील स्तर पर अल्फाबेटिकल क्रम में दर्ज होंगे।

युवाओं के लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम की तैयारी

कांग्रेस अब पार्टी से बाहर के युवा वकीलों और कानून से जुड़े युवाओं (21–28/30 वर्ष आयु वर्ग) को जोड़ने के लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत चयनित युवा लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों के साथ इंटर्न के तौर पर काम करेंगे। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो यही मॉडल आगे विधायकों के साथ भी लागू किया जाएगा।

राहुल गांधी की संगठनात्मक रणनीति से जुड़ा मॉडल

सिंघवी ने बताया कि जिस तरह राहुल गांधी ने जिला स्तर पर संगठन खड़ा करने पर जोर दिया है, उसी मॉडल पर अब लीगल, आरटीआई और मानवाधिकार विभागों का भी विस्तार किया जाएगा।

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