कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्ष पर देश को अस्थिर करने के लिए विदेशी मदद लेने का आरोप लगाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सोमवार को पलटवार किया और उन्हें इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी. लोकसभा में विपक्ष के नेता ने मोदी पर ‘विदेशी मदद’ से प्रधानमंत्री की कुर्सी हासिल करने का आरोप भी लगाया.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘मोदीजी, देश से झूठ बोलना बंद कीजिए. आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं. आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह से विदेशियों के नियंत्रण में है और उसे उनका समर्थन हासिल है. विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह से आपके साथ खड़ा है.’
साथ ही राहुल ने कहा, ‘मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं. कोई भी मंच, किसी भी समय. हिम्मत है तो आइए. आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं, आप उससे डरते हैं.’
पहले पीएम मोदी ने लगाया था आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को अपनी गुजरात यात्रा के दौरान आरोप लगाया था कि भारत-विरोधी ताकतें देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं और अफवाहें फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा था, ‘जब देश बाहरी चुनौतियों का समाधान तलाश रहा है, तब देश के भीतर भी कुछ ताकतें झूठ और अफवाह फैलाकर अस्थिरता पैदा कर रही हैं. लेकिन देशवासियों ने एकजुट होकर राष्ट्र का साथ दिया है.’
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘यह हमारा दुर्भाग्य है कि इस समय देश में विपक्ष ‘विरोध पक्ष’ के बजाय ‘अवरोध पक्ष’ बन गया है. हताशा में ये लोग देश के विकास के रास्ते में बाधाएं खड़ी कर रहे हैं. यह विरोध नहीं, बल्कि अवरोध है.’
उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया था. प्रधानमंत्री ने कहा था, ‘ये लोग संविधान की मर्यादाओं को तार-तार करने में लगे हैं.’
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं की तरफ इशारा करते हुए मोदी ने कहा था, ‘एक दशक से अधिक समय की हताशा के कारण ये लोग अब खुलकर सामने आ गए हैं. विदेश में कौन चुपके से किससे मिल रहा है? भारत-विरोधी ताकतें किसका समर्थन कर रही हैं? कौन भारत के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है? हमें इन सभी तौर-तरीकों को पहचानना होगा.’
(पीटीआई के इनपुट्स के साथ)