पूरा देश आज देशभक्ति के रंग में सराबोर है। दिल्ली से लेकर हर राज्य में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। पूरे देश की नजरें दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हैं। कर्तव्य पथ पर सेना ने शक्ति प्रदर्शन किया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरी दुनिया भारत की ताकत का नजारा कर्तव्य पर देख रही है। हर बार की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस पर शानदार परेड निकाली जा रही है। हालांकि इस बार कई नई चीजें देखने को मिल रही हैं। इसमें भारत की शक्ति के साथ ही देश की विदेश कूटनीति का भी खूब प्रदर्शन हो रहा है।
सेना के भैरव कमांडो और कॉम्बैट फॉर्मेशन में सेना की टुकड़ी कर्तव्य पथ पर अपना शक्ति प्रदर्शन कर रही है। पहला मौका है जब सेना की टुकड़ी कॉम्बैट रेडी फॉर्मेशन में परेड में हिस्सा ले रही है। अभी तक सेना केवल साधारण मार्च की करती थी। इस बार कॉम्बैट फॉर्मेशन में भारतीय सेना कर्तव्य पथ पर परेड कर रही हैं। बता दें कि इस फॉर्मेशन में जवान युद्ध के मैदान में इस्तेमाल होने वाले गियर और नई छलावरण वाली वर्दी में आधुनिक हथियारों के साथ नजर आएंगे।
यह भी पढ़ें: Republic Day 2026: कश्मीर से कन्याकुमारी तक तिरंगे के रंग में रंगा भारत, गर्व से बोला हर हिंदुस्तानी – ‘वंदे मातरम’
इसके अलावा कर्तव्य पथ पर पहली बार भैरव लाइट कमांडो उतरे हैं। इस बार की परेड में सेना की नई स्पेशल यूनिट ‘भैरव लाइट कमांडो’ ने भाग लिया है। बता दें कि यह यूनिट शहरी इलाकों और कठिन भौगोलिक स्थितियों में सर्जिकल स्ट्राइक के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। इस टुकड़ी का रहस्यमयी लुक और आधुनिक गियर इस परेड का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहे है। बता दें कि भैरव बटालियन ऑपरेशन सिंदूर के बाद बनाई गई। यह तेज, हाई-इम्पैक्ट ऑपरेशंस के लिए स्पेशल यूनिट है।
परेड में सेना की ताकत के अलावा भारत की विदेश नीति का भी लोहा माना जा रहा है। इस बार गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से टैरिफ वार शुरू किया है, तब से अंतरराष्ट्रीय पटल पर उधल पुथल मची है। ट्रंप ने दुनियाभर में चल रहे युद्धों को भी रुकवाने की काफी कोशिश की।
हालांकि वह अभी तक पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं। ट्रंप ने रूस से तेल न खरीदने के लिए यूरोपीय देशों पर काफी दबाव डाला था। इसके लिए ट्रंप ने यूरोपीय संघ पर भी दबाव बनाया था। इसको देखते हुए अब यूरोपीय संघ की ब्रांच के दो ताकतवर नेता भारत में अतिथि बनकर आए हैं। इससे दुनिया में भारत की विदेश नीति की स्पष्ट झलक देखने को मिली है।
यह भी पढ़ें: ‘बदलूराम का बदन…’, क्यों वायरल हुआ ये गाना, क्या है इसके पीछे की कहानी और असम रेजिमेंट से कनेक्शन?
संबंधित खबरें
'बंधक बनाना गलत...', CJP प्रदर्शन में जा रहे युवाओं की हिरासत पर HC सख्त
20 mins agoएक घंटे में 300 से ज्यादा कॉल... CJP के सौरव दास का फोन नंबर हुआ लीक
36 mins agoCJP प्रदर्शन के चलते रद्द हुईं ट्रेनों की टिकटों का कैसे मिलेगा रिफंड?
46 mins ago'PM मोदी तानाशाह...', CJP प्रदर्शन के लिए दिल्ली निकलने से पहले बोले दीपके
1 hr ago12 डिटेंशन सेंटर, बैरिकेडिंग, बॉर्डर सील...CJP प्रदर्शन रोकने का मेगा प्लान
2 hrs agoLIVE: प्रदर्शन से पहले हिरासत में 150 लोग, जंतर-मंतर पहुंचे प्रदर्शनकारी
3 hrs agoमहिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण पर पीएम मोदी का जोर
10 hrs agoदिल्ली मेट्रो पर बड़ा अपडेट, अब 57 नहीं 45 स्टेशन बंद; कर सकेंगे इंटरचेंज
11 hrs agoदिल्ली में 10 अक्टूबर को इन रास्तों पर जाने से बचें, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
11 hrs ago'अपने राज्य में न दें प्रदर्शन की अनुमति', गृह मंत्रालय का निर्देश
12 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines