Chhath Puja 2022: सूर्य देव को सुबह का अर्घ्य देने और ‘जय छठी मैया’ की जयकारे के साथ चार दिनों तक चलने वाले छठ पूजा का समापन हो गया। कोरोना संकट के दो साल बाद इस महापर्व को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा।

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छठ पूजा का महापर्व पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत देख के लगभग तमाम राज्यों के साथ दुनियाभर में बहुत ही उल्लास के साथ मनाया जाता है।

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छठ पूजा में सूर्यदेव के साथ-साथ उनकी बहन माता छठ की उपासना की खास महत्व माना जाता है।

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छठ का पावन पर्व साल में दो बार मनाई जाती है। पहली चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को और दूसरी कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को।

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दिवाली के बाद यानी कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाए जाने वाले छठ पूजा का खास महत्व होता है।

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यह पूजा 4 दिन तक चलती है। इसमें 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है।

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इस साल छठ महापर्व की शुरुआत 28 अक्टूबर को नहाय-खाय के साथ हुई। पहले दिन नहाय खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन पहली अर्घ्य होती है।

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इसके बाद चौथे दिन भगवान भाष्कर को सुबह का अर्घ्य देने के शात छठ पूजा का समापन हो जाता है।

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