Chandrayaan 3 Mission Pragyan Rover Finds Oxygen: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा भेजे गए चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के रहस्यों का पता लगाना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में इसरो को रोजाना नई-नई कामयाबी हासिल हो रही है। इससे वैज्ञानिक भी उत्साहित हैं और कहा जा रहा है कि चंद्रमा पर जीवन संभव हो सकता है?
प्रज्ञान का संदेश, ‘जल्द मिलेगी सबसे बड़ी खुशखबरी’
पिछले दिनों ही चंद्रमा के दक्षिण ध्रव पर रोवर प्रज्ञान ने 70 डिग्री सेल्सियस तक तापमान होने का खुलासा किया था। इस बीच चंद्रमा पर ऑक्सीजन होने का पता लगाया है। इसके साथ ही प्रज्ञान ने कहा है- ‘जल्द बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है।’
इसरो की ताजा जानकारी के मुताबिक, चंद्रयान-3 मिशन ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए चंद्रमा पर ऑक्सीजन का पता लगाया है। मिली जानकारी के मुताबिक, रोवर प्रज्ञान ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ऑक्सीजन होने का पता लगाया है और अब हाइड्रोजन का पता लगाने की तैयारी चल रही है।
प्रज्ञान की खोज साबित होगी वरदान
चंद्रयान-3 की यह खोज भविष्य में देश-दुनिया के वैज्ञानिकों के लिए बड़ा वरदान साबित हो सकती है, क्योंकि कहीं भी जीवन के लिए ऑक्सीजन और पानी की बुनियादी जरूरत होती है। माना जा रहा है कि ऑक्सीजन मिलने के बाद चंद्रमा पर पानी मिलने की भी संभावना बढ़ गई है।
इसके बाद चांद पर मनुष्यों को भेजने और वहां जीवन गुजारना का सपना साकार हो सकता है। उधर, ऑक्सीजन मिलने की सफलता से उत्साहित इसरो को उम्मीद है कि चंद्रयान-3 को रोवर प्रज्ञान अब चंद्रमा पर हाइड्रोजन भी तलाश करने में कामयाब होगा। रोवर प्रज्ञान ने चंद्रमा पर हाइड्रोजन की तलाश तेज कर दी है।
चंद्रमा पर मिला सल्फर
इसरो द्वारा एक्स पर पोस्ट किया है, जिसके मुताबिक रोवर प्रज्ञान के पेलोड लेजर इनड्यूज्ड ने संभावना के अनुसार ही चंद्रमा की सतह पर सल्फर के मौजूद होने की पुष्टि की है। यहां पर यह जानना जरूरी है कि चंद्रमा की सतह पर मैगजीन, सिलिकॉन, टाइटेनियम, क्रोमियम, आयरनल और कैल्शियम के अलावा ऑक्सीजन की भी मौजूदगी का पता चल गया है। आगे की कड़ी में रोवर प्रज्ञान अब हाइड्रोजन की तलाश में जुट गया है। उधर, चंद्रमा पर मिले खनिजों पर धरती पर इसरो के वैज्ञानिकों की रिसर्च जारी है।
सल्फर की मौजूदगी पर संशय
उधर, रोवर प्रज्ञान ने चंद्रमा पर कुछ अन्य तत्वों की मौजूदगी के संकेत दिए हैं। वहीं, ऑर्बिरेटर पर लगाए गए तमाम उपकरणों से अब तक सल्फर की मौजूदगी की पुष्टि नहीं पो पाई है। स्पेस एप्लिकेशन सेंटर के निदेशक नीलेश एम. देसाई की मानें तो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सल्फर की रेखा तो स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। बावजूद इसके पूरी तरह सल्फर के होने की जानकारी का इंतजार है।
उधर, रोवर प्रज्ञान ने एक संदेश भेजा है, जो इसरो के वैज्ञानिकों के साथ-साथ देश की 140 करोड़ की आबादी को भी रोमांचित करने वाला है। रोवर ने चंद्रमा से भेजे संदेश में कहा है कि वह पूरी तरह से फिट और इसके साथ ही चंद्रमा के रहस्यों से पर्दा हटाने के अपने लक्ष्य को लेकर लगातार आगे बढ़ रहा है। इसरो ने इस संदेश को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर चंद्रयान-3 के रोवर प्रज्ञान से जुड़ी जानकारी को साझा किया है।
क्या लिखा है प्रज्ञान ने…
नमस्कार, पृथ्वीवासियों, मुझे आशा है कि आप ठीक होंगे। मैं चंद्रयान-3 मिशन के संबंध में हर किसी को बताना चाहता हूं कि मैं चंद्रमा के तमाम रहस्यों को खोलने के रास्ते में हूं। मैं और मेरे दोस्त विक्रम लैंडर दोनों एक-दूसरे के संपर्क में हैं। इसके साथ ही यह भी लिखा है कि सबसे बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है।
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