केंद्र में 8 लाख से ज्यादा पद खाली, RTI में बड़ा खुलासा, रेलवे और रक्षा विभाग में सबसे ज्यादा वेकेंट पोस्ट

केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 8.23 लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं. यह खुलासा RTI से हुआ है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हर 5 में से 1 स्वीकृत पद खाली है. रेलवे, रक्षा सिविलियन और गृह मंत्रालय जैसे बड़े विभागों में सबसे ज्यादा भर्तियां अटकी हैं.

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केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 8.23 लाख से अधिक पद खाली। Pic credit: AI

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देश में एक तरफ करोड़ों युवा सरकारी नौकरी की तैयारी में दिन-रात जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार के दफ्तरों में बड़े पैमाने पर पद खाली पड़े हैं. एक आरटीआई से सामने आई जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार के नागरिक विभागों में 8.23 लाख से अधिक स्वीकृत पद खाली हैं. यानी सरकार के कुल स्वीकृत पदों में से लगभग 21 फीसदी कुर्सियां खाली पड़ी हैं. मध्य प्रदेश के नीमच निवासी एक्टिविस्ट चंद्रशेखर गौड़ द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने यह जानकारी दी है. 1 मार्च 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार में कुल स्वीकृत 39,23,212 पदों के मुकाबले केवल 30,99,556 कर्मचारी ही कार्यरत थे. इस तरह कुल 8,23,656 पद रिक्त हैं.

इस आंकड़े में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों या सरकारी कंपनियों (PSU) की रिक्तियां शामिल नहीं हैं. यह खाली पद रेलवे, रक्षा और गृह मंत्रालय से लेकर देश के सबसे बड़े प्रशासनिक दफ्तरों राष्ट्रपति सचिवालय और प्रधानमंत्री कार्यालय तक में फैले हुए हैं.

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हर पांच में से एक पद खाली

मध्य प्रदेश के नीमच निवासी एक्टिविस्ट चंद्रशेखर गौर द्वारा लगाई गई आरटीआई के जवाब में यह स्थिति सामने आई है. वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की वेतन अनुसंधान इकाई के अनुसार, 1 मार्च 2024 तक केंद्र सरकार में कुल 39,23,212 पद स्वीकृत थे. इनके मुकाबले केवल 30,99,556 कर्मचारी ही काम कर रहे थे. इसका सीधा मतलब यह है कि 8,23,656 पद पूरी तरह खाली हैं, जो कुल स्वीकृत पदों का लगभग 21 प्रतिशत है. हैरानी की बात यह है कि देश के सबसे बड़े प्रशासनिक दफ्तरों में भी भारी कमी है. राष्ट्रपति सचिवालय में स्वीकृत 803 पदों में से 287 पद खाली हैं. वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में स्वीकृत 441 पदों के मुकाबले 126 पद (28.57%) खाली पड़े हैं.

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रेलवे और रक्षा विभाग में सबसे बड़ा अंतर

खाली पदों का सबसे बड़ा हिस्सा रेलवे और रक्षा मंत्रालय के सिविल विभाग से जुड़ा है. रक्षा मंत्रालय में 5.56 लाख से अधिक पदों में से 2,42,243 पद खाली हैं. भारतीय रेलवे के 14.79 लाख से अधिक पदों में से 2,40,125 पद खाली हैं, जो कुल खाली पदों का करीब 30% है. गृह मंत्रालय के कुल 11.18 लाख स्वीकृत पदों में से 1,10,885 पद खाली हैं. इन तीन प्रमुख विभागों को मिला दें तो कुल खाली पदों की संख्या 5.93 लाख के पार पहुंच जाती है. इसके अलावा डाक विभाग में 61,546, राजस्व विभाग में 69,662 और श्रम मंत्रालय में 41% से ज्यादा पद खाली हैं. पर्यावरण, कृषि और उच्च शिक्षा जैसे मंत्रालयों में भी 30 से 50 फीसदी तक कर्मचारियों की कमी दर्ज की गई है.

डाक, राजस्व और कृषि में भी भारी कमी

सिर्फ सुरक्षा और रेलवे ही नहीं, बल्कि आम जनता और राजस्व से जुड़े मंत्रालयों का हाल भी ऐसा ही है. डाक विभाग में 2,53,124 पदों में से 61,546 पद खाली हैं. टैक्स और रेवेन्यू जुटाने वाले इस अहम राजस्व विभाग में स्वीकृत 1,79,374 पदों में से 69,662 पद खाली पड़े हैं. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में 5,420 पदों में से 1,855 पद (34%) खाली हैं. पशुपालन एवं डेयरी विभाग के 2,393 स्वीकृत पदों में से सिर्फ 1,015 कर्मचारी काम कर रहे हैं, यानी 1,378 पद खाली हैं. इसके अलावा मत्स्य विभाग में से 664 पदों में से 200 पद रिक्त हैं.

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शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों की स्थिति

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश के शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और वैज्ञानिक संस्थानों में 30 से लेकर 50 फीसदी से ज्यादा स्वीकृत पद रिक्त हैं. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कुल 27,427 स्वीकृत पदों में से 1,582 पद खाली हैं. स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के 62 स्वीकृत पदों में से 34 पद खाली हैं. वहीं, आयुष विभाग में स्वीकृत 432 पदों में से 233 पद खाली पड़े हैं. उच्च शिक्षा विभाग में 1,414 स्वीकृत पदों में से 522 पद रिक्त हैं. विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में भी 365 पदों में से 87 पद खाली हैं.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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