मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है. 23 अक्टूबर को ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ गठबंधन ने देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है, जिसके तहत ‘हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर’ का नारा दिया गया है. गठबंधन की मांग है कि SIR प्रक्रिया को फौरन रद्द किया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें. आंदोलन में 200 से अधिक संगठन भाग लेंगे. वहीं, विपक्ष के इन हमलों का मुकाबला करने के लिए BJP भी अपने राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ के साथ जमीन पर उतर रही है.
केंद्रीय वित्त मंत्री के पति भी होंगे शामिल
इस देशव्यापी प्रदर्शन में कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हो रही हैं. राजनीतिक अर्थशास्त्री और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति पराकला प्रभाकर ने भी इसमें हिस्सा लेने का ऐलान किया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि लोकतंत्र की बहाली के लिए 23 अक्टूबर को जन-मार्च निकाला जाएगा और लोगों को इस चुनौती का सामना करने के लिए आगे आना चाहिए. आंदोलन के लिए जारी किए गए आधिकारिक पोस्टर में कई चर्चित चेहरे नजर आ रहे हैं. इनमें अभिनेता प्रकाश राज, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, किसान नेता राकेश टिकैत, सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी, अभिजीत दिपके, नेहा बोरा और छात्र नेता आईशे घोष शामिल हैं.
हालांकि, 23 अक्टूबर को यह मार्च किन-किन तय जगहों पर और किस रूप में निकाला जाएगा, इसकी पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक पाबंदियों को देखते हुए पुलिस की अनुमति बेहद अहम रहेगी. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन के कड़े पहरे के बीच ये प्रमुख चेहरे और संगठन मार्च निकालने में किस हद तक सफल हो पाते हैं.
कैसे बना ‘पीपल अगेंस्ट SIR’
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन अब बड़ा रूप लेने जा रहा है. 14 अक्टूबर को छात्रों, युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े संगठनों ने मिलकर ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ के नाम से एक बड़ा मंच तैयार किया है. दिल्ली में हुई एक आपात बैठक में 200 से ज्यादा संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए. इस बैठक में तय किया गया कि इस आंदोलन को सिर्फ देश की राजधानी दिल्ली तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि 23 अक्टूबर को पूरे देश में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. आयोजकों ने इस आंदोलन के लिए ‘हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर’ का नारा दिया है, ताकि समाज के हर वर्ग को इस मुहिम से जोड़ा जा सके.
राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान 7 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया था, जबकि 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचे नेताओं को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया. वर्तमान में नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत बिना अनुमति सभा, जुलूस या नारेबाजी पर पाबंदी है.
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी 23 से 31 अक्टूबर तक अपना जवाबी अभियान चलाएगी. पार्टी की योजना देशभर के सभी जिलों में पदयात्राएं निकालने की है, जिसमें प्रति पदयात्रा लगभग 10 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य तय किया गया है. इसके साथ ही BJP के वरिष्ठ नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाता सूची पुनरीक्षण पर पार्टी का पक्ष रखेंगे.