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क्या CEC को गिरफ्तार किया सकता है? जानिए क्या है कानून और कितनी मिली हुई है कानूनी सुरक्षा

CEC ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जा सकता है या नहीं? जानिए 2023 के कानून की धारा 16, आधिकारिक काम पर मिली कानूनी सुरक्षा और CEC की गिरफ़्तारी के नियम.

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CEC ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जा सकता है? (Image-AI Generated)

23 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े कई फैसलों पर पिछले 10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की थी. आयोग के इन अंदरूनी मतभेदों के चलते विपक्षी पार्टियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ उनकी गिरफ़्तारी की भी मांग की है. अब सवाल यह है कि क्या पुलिस CEC को गिरफ्तार कर सकती है? क्या CEC को आपराधिक कार्रवाई से पूरी तरह छूट मिली हुई है? इसका जवाब जानने के लिए संविधान और 2023 के कानून को समझना बहुत जरूरी है.

CEC और EC को क्या-क्या कानूनी सुरक्षा मिलीं हुई हैं?

मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 की धार 16 CEC और EC को विशेष सुरक्षा देता है. इस धारा के मुताबिक, कोई भी अदालत किसी पूर्व या मौजूदा CEC एवं EC के खिलाफ उनके आधिकारिक कर्तव्यों के दौरान किए गए कामों, चीज या बयान को लेकर कोई दीवानी या आपराधिक कार्रवाई शुरू नहीं कर सकती. यह सुरक्षा सिर्फ मौजूद पदाधिकारी को ही नहीं बल्कि पद छोड़ चुके CEC या EC को भी मिलती है, अगर मामला धारा 16 के अंदर आता है.

फिर क्या CEC को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता?

धारा 16 में मिली सुरक्षा सिर्फ आधिकारिक कर्तव्यों तक ही सीमित है. यदि कोई चुनाव आयुक्त अपने निजी जीवन में आपराधिक मामलों में (जैसे- हत्या, भ्रष्टाचार और जो आधिकारिक कामों से अलग हो) में दोषी पाया जाता है तो तब आपराधिक कानून लागू होगा. अगर उन पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं, तो उन्हें पहले संवैधानिक पद से हटाया जाएगा, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी.

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2023 के कानून से सुरक्षा कैसे मिली?

संसद में बिल पर चर्चा के दौरान 12 दिसंबर 2023 को केंद्र सरकार ने एक संशोधन के जरिए नया प्रावधान जोड़ा, जो बाद में धारा 16 बन गया. इस कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी 28 दिसंबर 2023 को मिली और 2 जनवरी 2024 से यह लागू हुआ. तब कानून मंत्री ने बताया था कि इस मकसद CEC और EC को स्वतंत्र रूप से काम करने देना है.

CEC को पद से कैसे हटाया जा सकता है?

संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत CEC को उसी तरह हटाया जा सकता है, जैसे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है. वहीं, EC को CEC की सिफारिश पर ही हटाया जा सकता है. इसका प्रावधान 2023 के कानून की धारा 11 में दिया गया है.

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यह भी पढ़ें : मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति कैसे होती है? जानें क्या हैं हटाने के नियम

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