आज से बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के दोनों सत्रों को संयुक्त संबोधित करेंगी। देशभर के सांसद देर रात से ही राजधानी दिल्ली पहुंचने लगे हैं। भारत का आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। दोनों सदनों का सत्र 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित किया जाएगा और 9 मार्च को पुनः शुरू होगा। इस दौरान, स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की जांच करेंगी। सत्र में कुल 30 बैठकें होंगी जो 65 दिनों तक चलेंगी और 2 अप्रैल को समाप्त होंगी।
संसद के बजट सत्र से पहले कई राजनीतिक नेता और मंत्री राष्ट्रीय राजधानी में पहुंचना शुरू हो गए हैं। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर बुधवार तड़के अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन को शहर में प्रवेश करते देखा गया। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सांसद सुप्रिया सुले और अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी बजट सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे।
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सत्र का पहला भाग मुख्य रूप से 2026-27 के केंद्रीय बजट से संबंधित वित्तीय मामलों और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए समर्पित होगा। सत्र के दूसरे भाग के दौरान मुख्य रूप से आवश्यक विधायी और अन्य कार्यों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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बता दें कि मंगलवार को संसद के बजट सत्र से पहले सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें उसने दोनों सदनों के सुचारू संचालन के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगा। विपक्षी दलों ने बैठक के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी। बैठक के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के सुचारू संचालन के लिए नेताओं से सहयोग मांगा था और कहा कि सरकार संसद के दोनों सदनों के नियमों के अनुसार सदनों में किसी भी अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है।